यूपी एटीएस ने धर्मांतरण मामले में गुजरात एटीएस की मदद से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। एटीएस ने वड़ोदरा के रहने वाले सलाउद्दीन को धर दबोचा।
सलाउद्दीन को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है। एटीएस के मुताबिक सलाउद्दीन और उमर गौतम के बीच फंडिंग का सीधा कनेक्शन सामने आया है।
बता दें कि इसके पहले सोमवार को यूपी एटीएस ने धर्मांतरण मामले में तीन और लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें बाल कल्याण मंत्रालय का इंटरप्रेटेटर इरफान ख्वाजा खान व अपना धर्म परिवर्तन कर चुके दो मूक बधिर राहुल भोला और मन्नू यादव उर्फ अब्दुल मन्नान शामिल थे।
सोमवार को अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने मीडिया को बताया था कि मूक बधिरों की भाषा समझने और उन्हें अपनी भाषा समझाने वाला इरफान मूक बधिरों को ऐसा ज्ञान देने लगा जिससे कुछ मूक बधिरों को अपने ही धर्म से नफरत होने लगी। इरफान खान मूक बधिरों को इस्लाम का ज्ञान देता था और दूसरे धर्मों की बुराइयां करता था।
प्रशांत कुमार का दावा है कि इरफान तरह-तरह के प्रलोभन देकर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मूक बधिरों को तैयार करता था। यहां कामयाब होने के बाद वह इस्लामिक दावा सेंटर जाकर उमर गौतम से मिलकर जहांगीर आलम से धर्मांतरण प्रमाण पत्र बनवाता था। गिरफ्तार किया गया राहुल भोला जो खुद मूक बधिर है, वह इरफान के साथ मिलकर मूक बधिरों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करता था।
एटीएस का दावा है कि इरफान और राहुल ने मिलकर मन्नू यादव का धर्म परिवर्तन कराया और इन तीनों ने मिलकर आदित्य गुप्ता का धर्म परिवर्तन कराया। प्रशांत कुमार ने बताया कि मन्नू यादव ने अपने घर के पूजा स्थल पर रखी मूर्ति को तोड़ दिया था और इस्लाम धर्म के प्रति अति कट्टर हो गया। प्रशांत कुमार ने बताया कि इन तीनों को हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की गई। राहुल और मन्नू यादव की भाषा समझने के लिए एटीएस ने इंटरनप्रेटेटर की मदद ली।