अप्रैल, मई व जून में संपूर्ण लॉकडाउन में भी यातायात पुलिस सक्रिय रही। अप्रैल में 24,107, मई में 34,805 और जून में 42,416 लोगों का चालान काटा गया, जबकि इन तीन महीनों में जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को ही घरों से निकलने की अनुमति थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद घरों से निकलने वालों के चालान काटे गए। कुछ लोग बिना जरूरी काम के ही सड़कों पर घूम रहे थे। इनके चालान काटकर केस भी दर्ज किए गए।
अनलॉक होते ही दोगुना हो गया चालान
एडीसीपी यातायात पुर्णेंदु सिंह के मुताबिक अनलॉक-3 व 4 के दौरान लोग घरों से निकले हैं। इसके बाद आवागमन बढ़ा, हालांकि पहले की तुलना में सड़कों पर वाहनों की कतार कम है, लेकिन दो महीनों के अनलॉक में दोगुने से अधिक लोगों ने यातायात नियमों को तोड़ा है। एडीसीपी के मुताबिक जुलाई में एक लाख से अधिक तो अगस्त में करीब 72 हजार चालान काटे गए। वहीं, सितंबर में भी अब तक 40 हजार के चालान काटे गए हैं।
यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। लॉकडाउन के दौरान जिनका गलत दिशा से वाहन चलाने, सिग्नल तोड़ने का चालान काटा गया है, उसे प्रार्थनापत्र देने के बाद संशोधित कर दिया जाएगा। बाकी मद में काटे गये चालान पर जुर्माना वसूला जाएगा।
- पुर्णेंदु सिंह, अपर पुलिस उपायुक्त, यातायात लखनऊ