रेलवे में चीफ लोको इंस्पेक्टर (सीएलआई) बीएस मीणा की शह पर लंबे समय से चल रहा डीजल चोरी का बड़ा मामला पकड़ में आया है। शातिरों ने 20 हजार लीटर हाईस्पीड डीजल से भरा पूरा टैंकर ही पार कर दिया। इसकी कीमत करीब 17.74 लाख रुपये है। आरपीएफ ने मामला दर्ज कर रविवार को खलासी दिलनवाज को गिरफ्तार कर खाली टैंकर बरामद किया। जबकि चीफ लोको इंस्पेक्टर व ड्राइवर नीरज सिंह फरार है।
वहीं, डीजल शेड में सीएलआई कार्यालय को सीज कर रजिस्टरों को रडार पर ले लिया है। हर टैंकर का रिकॉर्ड चेक करने के साथ ही कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। आलमबाग में बने डीजल शेड में चोरी का हालिया मामला 28 जुलाई का है। अमौसी स्थित इंडियन ऑयल के डिपो से डीजल के दो टैंकर भेजे गए, लेकिन सिर्फ एक ही टैंकर शेड पहुंचा जबकि दूसरा टैंकर सीएलआई बीएस मीणा की शह पर बाहर ही बाहर गायब कर दिया गया।
आरपीएफ इंस्पेक्टर केआर रोशन ने बताया कि डीजल शेड आरपीएफ चौकी पर एक टैंकर का गेटपास बनाया गया था जबकि शेड के अंदर रेलवे डीजल इंस्टॉलेशन (आरडीआई) में दो टैंकरों की एंट्री की गई। रजिस्टरों के मिलान में खेल का खुलासा हुआ। साथ ही सीसीटीवी कैमरे चेक किए तो एक टैंकर ही नजर आया। इसके बाद इंडियन ऑयल डिपो से संपर्क कर जानकारी जुटाई। जीपीएस लगे दूसरे टैंकर (यूपी 32 एनएन 8962) को ट्रैक कर गोमती नगर से बरामद किया। तेल बेचा जा चुका था। खाली टैंकर को शेड में खड़ा किया गया है।
आरपीएफ ने मामला दर्ज कर लिया है। इसमें आरपीएफ क्राइम ब्रांच की टीम भी लगी है। रविवार को आरपीएफ ने खलासी दिलनवाज को आलमबाग से गिरफ्तार कर तेल चोरी के 20 हजार रुपये बरामद किए। जबकि सीएलआई और ड्राइवर फरार है।
यह है व्यवस्था
डीजल शेड में जब टैंकर आते हैं तो आरपीएफ गेटपास जारी करती है। इसके बाद टैंकर आरडीआई में जाते हैं और अनलोडिंग से पहले सीएलआई के पास ओटीपी जाता है। इसके बाद ही नोजल खुलते हैं। टैंकरों की एंट्री गेट पर आरपीएफ रजिस्टर व आरडीआई के लेजर में होती है।
मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही
डीजल शेड में दो टैंकरों को लाया जाना था। एक टैंकर बाहर ही गायब कर दिया गया था। आरपीएफ व आरडीआई के रजिस्टर की मिलान में मामले का खुलासा हुआ। आरपीएफ ने दूसरा टैंकर बरामद कर लिया है। मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
- संजय त्रिपाठी, डीआरएम, उत्तर रेलवे