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पानी की दरें सात गुना बढ़ाने की तैयारी

Wed, 22 Jan 2014 09:53 AM IST
प्रवेंद्र गुप्ता,अमर उजाला /लखनऊ
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जलमूल्य बढ़ाने के लिए प्रशासन ने फिर तैयारी तेज की है। इसे लेकर जलकल विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है और नगर निगम सदन की 28 जनवरी को होने वाली बैठक में इस प्रस्ताव को पेश किया जाएगा।
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पूर्व में दो बार यह प्रस्ताव जलकल विभाग की ओर से सदन में रखा गया, लेकिन स्थगित कर दिया गया। अब एक बार फिर प्रस्ताव मंजूरी के लिए लाया जा रहा है।

इसके लागू होने के बाद पेयजल का मूल्य करीब सात गुना तक बढ़ जाएगा। अभी दो रुपये प्रति किलो लीटर (प्रति किलो लीटर=एक हजार लीटर) के हिसाब से पैसा लिया जाता है।

प्रस्ताव पास होने के बाद पानी का मूल्य खपत के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में छह से 15 रुपये प्रति किलो लीटर तक वसूल किया जाएगा।

अभी आवासीय भवनों से एक सामान जल मूल्य लिया जाता है, चाहे किसी भवन में कम खर्च हो या ज्यादा। नये प्रस्ताव में यह व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। इसमें पानी की खपत के आधार पर आवासीय भवनों को चार श्रेणियों में बांटा गया है और उसी आधार पर मूल्य तय किया गया है।
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आवासीय की तरह ही व्यावसायिक उपयोग की दरें प्रतिष्ठान में पानी के उपयोग के आधार पर तय की गई हैं। जिन प्रतिष्ठानों में पानी का उपयोग समाग्री के रूप में किया जाता है, वहां पानी की दरें चार गुना की गई हैं।

इनमें कोल्ड स्टोरेज, आइसक्रीम फैक्ट्री, बॉटलिंग प्लांट, नर्सरी, बगीचा व केमिकल फैक्ट्री आदि शामिल हैं। इसी तरह होटल लॉज, डेयरी, लांड्री, सर्विस स्टेशन व गैराज को अलग श्रेणी में रखा गया है। इनका जल मूल्य तीन गुना कर दिया गया है।

एक बार बढ़ा तो हर साल बढ़ेगा
जलमूल्य बढ़ोतरी का जो प्रस्ताव जलकल विभाग की ओर से तैयार किया गया है, उसमें जलकल कर्मचारियों के वेतन भत्तों पर हर साल बढ़ने वाले खर्च और पेयजल उत्पादन पर होने वाले खर्च में बढ़ोतरी को देखते हुए यह प्रावधान किया गया है।

जो दरें पास होंगी उनमें हर साल 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। इसके लिए हर साल अलग से सदन की मंजूरी नहीं ली जाएगी।

जलमूल्य बढ़ोतरी का आधार
जलकल विभाग के प्रस्ताव के तहत पेयजल उत्पादन पर प्रति किलोलीटर 7.68 रुपये खर्च आता है, जबकि शहरवासियों से इसकी कीमत 2 से 10 रुपये प्रति किलो लीटर ही वसूल की जाती है।

इससे जलकल विभाग को हर साल घाटा होता है। ऐसे में जलकल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जलमूल्य बढ़ाना आवश्यक है। इसके साथ ही जेएनएनयूआरएम में जो पेयजल योजनाएं स्थापित हुई हैं, उनके रखरखाव केलिए भी जलमूल्य में बढ़ोतरी जरूरी है।

मकान बनाना होगा महंगा
जलमूल्य बढ़ने के बाद घर बनाना भी महंगा हो जाएगा। भवन निर्माण के लिए पेयजल उपयोग की कीमत पांच गुना बढ़ा दी गई है।

अभी भवन निर्माण के लिए जलमूल्य छह रुपये प्रति किलो लीटर के हिसाब से वसूल किया जाता है, लेकिन नई दरें लागू होने के बाद भवन निर्माण के लिए जल मूल्य 30 रुपये प्रति किलोलीटर के हिसाब से वसूल किया जाएगा। इससे घर बनाना और महंगा हो जाएगा।
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