सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के मुरादाबाद में आयोजित ऑल इंडिया मजलिस-ए- इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असद्दुदीन ओवैसी की सभा ने न पहुंचने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है। हालांकि राजभर का कहना है कि परिवार में अचानक एक घटना घटने की वजह से उनकी ट्रेन छूट गई। इसलिए वह तय समय पर मुरादाबाद नहीं पहुंच पाए।
बता दें भाजपा से अलग होने के बाद से ही राजभर ने छोटे राजनीतिक दलों को मिलाकर भागीदारी संकल्प मोर्चा बनाया है। इस मोर्चे में ओवैसी की पार्टी समेत 9 अन्य दल भी शामिल हैं। पूर्व घोषित कार्यक्रम के मुताबिक ओवैसी यूपी के विभिन्न जिलों में कुल 10 सभा करके चुनावी माहौल बनाने का ऐलान कर चुके हैं। सभी सभाओं में राजभर को रहना था। इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को ओवैसी की पहली सभा मुरादाबाद और शामली में होना था। जिसमें राजभर को भी पहुंचना था, लेकिन वह नहीं पहुंचे तो सियासी गलियारों में भागीदारी संकल्प मोर्चा के बिखरने की चर्चाएं शुरू हो गई।
सियासी गलियारों में यह भी चर्चाएं होने लगी कि सीटों के बंटावारे पर सहमति न बन पाने की वजह से ओवैसी ने मोर्चा के बैनर तले चुनाव लड़ने से मना कर दिया है। इसी वजह से ओम प्रकाश राजभर ने भी ओवैसी की सभा से दूरी बना ली है। सियासी चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि पिछले दिनों मुरादाबाद के दौरे पर रहे ओम प्रकाश राजभर ने वहां के सर्किट हाउस में प्रदेश के पंचायती राज मंत्री से भूपेन्द्र चौधरी से मुलाकात की थी। इसे लेकर भी दोनों नेताओं के बीच में अनबन पैदा हो गई है। वहीं दूसरी ओर इस मुलाकात ने प्रदेश की सियासत में भी हलचल मचा दी थी। हालांकि दोनों नेताओं ने इस मुलाकात को भी निजी मुलाकात बताया था।
अब ओवैसी के कार्यक्रम में न पहुंचना राजभर के नये सियारी पैंतरे के रूप मे देखा जा रहा है। वहीं सूत्रों का कहना है कि भूपेन्द्र चौधरी से हुई मुलाकात के बाद से ही मोर्चे में शामिल दलों के नेता राजभर की गतिविधियों पर नजर गड़ाए हुए हैं। इसमें एक ओवैसी भी हैं, जिन्होंने अपने पार्टी के कुछ नेताओं को राजभर की हर गतिविधि पर नजर रखने को कहा है। अब देखना है कि ओवैसी की आगे की चुनावी यात्रा में राजभर साथ दिखते हैं या नहीं।