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#हिंदीहैंहम: मातृभाषा के माध्यम से सफलता हासिल करने वाले अफसरों की कहानी उन्हीं की जुबानी...

Mon, 14 Sep 2020 12:18 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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निशांत जैन आईएएस, कौशल राज शर्मा - फोटो : amar ujala
सिविल सेवा परीक्षा में सफलता किसी भी युवा का सपना होता है। इस सपने को पूरा करने के लिए हिंदी माध्यम से हजारों अभ्यर्थी इस परीक्षा में बैठते हैं। लेकिन उन्हें इस प्रतिष्ठित परीक्षा के हर स्तर पर असफलता का डर सताता रहता है। हिंदी माध्यम के युवाओं को लगता है कि अंग्रेजी माध्यम वाले उनसे बेहतर हैं, लेकिन अब यह धारणा बदल रही है।
 
हर साल हिंदी माध्यम से बहुत से अभ्यर्थी इस परीक्षा में न केवल सफल हो रहे हैं, बल्कि शीर्ष 100 में अपनी जगह बना रहे हैं। सिविल सेवा परीक्षा में हिंदी माध्यम से सफलता की कुछ दिलचस्प कहानियां यह बताती हैं कि हिंदी हमारी मजबूरी नहीं, ताकत है।
 
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डॉ कृष्ण कांत पाठक - फोटो : amar ujala
अपनी चीजों से प्रेम होना चाहिए
हिंदी में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारियों के लिए अच्छी किताबें बेहद जरूरी हैं। हमें अपनी चीजों से प्रेम होना चाहिए। सबसे बड़ी समस्या, यह मान्यता है कि जो अंग्रेजी में लिखा है, वही प्रामाणिक है। सरकार नई शिक्षा नीति में इसे महत्व दे रही है कि हमारी मातृभाषा ही हमारी शिक्षा का पहला माध्यम बने। 

 
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हरि नारायण चारि - फोटो : amar ujala
सही प्रतिबद्धता हो तो माध्यम आड़े नहीं आता
मैंने हिंदी माध्यम से दो बार यूपीएससी में सफलता हासिल की। पहली बार रेल यातायात सेवा में जाने का मौका मिला। दूसरी बार मुझे पुलिस सेवा में आने का मौका मिला। सही प्रतिबद्धता से काम करने पर माध्यम आड़े नहीं आता।

 

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कौशल राज शर्मा - फोटो : अमर उजाला
हिंदी ने ही मुझे खुद को अभिव्यक्त करना सिखाया
मैं इसे अपनी खुशकिस्मती मानता हूं कि मुझे अपनी शिक्षा का आधार हिंदी में मिला। हिंदी ने ही मुझे खुद को अभिव्यक्त करना सिखाया। जो मैं सोचता हूं, उसे सही शब्दों में बोलना और लिखना सिखाया। परीक्षा में जवाब लिखते समय आपकी सृजनात्मकता परखी जाती है।
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निशांत जैन - फोटो : amar ujala
जीवनशैली में हिंदी को शामिल कीजिए
आज विद्यार्थी यह नहीं कह सकता कि हिंदी में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में उसे कोई दिक्कत है। दिक्कत मनोवृत्ति की है। अपने को कमतर न मानें। जिस हिंदी को आप मजबूरी समझ रहे हैं, उसे अपनी मजबूती बनाइए। अपनी जीवनशैली में हिंदी को शामिल कीजिए। 
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दीपक वर्णवाल - फोटो : amar ujala
भाषा-विषय पर समझ बेहतरीन और स्पष्ट हो
सफलता माध्यम पर नहीं, बल्कि आपके संकल्प और मेहनत पर निर्भर करती है। परीक्षार्थी यह ख्याल रखें कि भाषा और विषय पर समझ बेहतरीन और स्पष्ट होनी चाहिए। अपने विषय पर मजबूत पकड़ और खुद पर भरोसा रखिए तो सबकुछ संभव है।
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