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आयुर्वेद निदेशालय के 10 अफसर नपे, महिला ने की थी शोषण की शिकायत

Thu, 19 May 2016 10:34 AM IST
अमित यादव/अमर उजाला, लखनऊ
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आयुर्वेद निदेशालय के 10 अफसरों को शासन ने एक साथ हटा दिया है। इन्हें नई तैनाती नहीं दी गई है। इन अफसरों के पास अहम जिम्मेदारियां थीं। बताया जा रहा है कि अफसरों पर वित्तीय अनियमितताओं और बुंदेलखंड के कई जिलों में फर्जी तरीके से भर्ती प्रकरण में आरोप लगे थे। 
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इसी बीच एक महिला कर्मचारी और नर्स के शोषण का आरोप भी लगा। इनकी शिकायत शासन से की गई थी। कार्रवाई को इन सब मामलों से जोड़कर देखा जा रहा है। 

उत्तर प्रदेश शासन के आयुष अनुभाग-1 ने 12 मई को डॉ. जेडी सिंह, डॉ.एनएन सिंह, डॉ. आरके सिंह, डॉ. अशोक दीक्षित, डॉ. उमाकांत यादव, डॉ. एलबी यादव, डॉ. उमेश चंद्र त्रिपाठी, डॉ.एके सिंह, डॉ. मनोज गुप्ता और डॉ. भोलानाथ मिश्रा को हटाने के निर्देश जारी किए थे। 

उप सचिव ऋषिकेश दुबे ने आदेश में लिखा था- तत्काल प्रभाव से आयुर्वेद निदेशालय में तैनात-संबद्ध चिकित्साधिकारियों व शिक्षकों की तैनाती व संबद्धता को समाप्त किया जाता है।
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देखें किनके पास था कौन सा चार्ज

डेमो प‌िक - फोटो : demo pic
डॉ. जेडी सिंह के पास क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी, डॉ.एनएन सिंह और डॉ. आरके सिंह के पास कोर्ट केस, डॉ.अशोक दीक्षित के पास आयुष, डॉ. उमाकांत यादव के पास शिक्षा, डॉ. एलबी यादव के पास चिकित्सा अधिकारी, डॉ. उमेश चंद्र त्रिपाठी के पास नर्सिंग, डॉ. एके सिंह के पास लिपिक, डॉ. मनोज गुप्ता के पास लिपिक, डॉ. भोलानाथ मिश्रा के पास आहरण-वितरण अधिकारी का चार्ज था। 

निदेशालय की एक महिला कर्मचारी ने निदेशक से लेकर महिला आयोग तक शोषण की शिकायत की थी। हाल ही में एक नर्स ने निदेशालय के अफसरों पर शोषण करने की शिकायत मुख्यमंत्री सचिवालय के आला अफसरों से की थी। सूत्रों के मुताबिक इसका ऑडियो भी अफसरों को सुनाया गया था। इसी के बाद ये कार्रवाई हुई है। 

शासन के आदेश पर सभी अफसरों को कार्य मुक्त कर दिया गया है। महिला के शोषण या अन्य किसी आरोप में ये कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी नहीं है।
डॉ.सुरेश कुमार विश्वकर्मा निदेशक, आयुर्वेद
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