बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय ने 10 जिलों के अधिकारियों को लापरवाही पर नोटिस दिया है। इनमें आंगनबाड़ी केंद्रों के जिला कार्यक्रम अधिकारी व प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी शामिल हैं।
इन्होंने निदेशालय के आदेशों के बावजूद आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच कर रिपोर्ट नहीं भेजी। निदेशक ने कहा, यदि तत्काल जांच रिपोर्ट नहीं आई तो इन अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों की आए दिन शिकायतें मिलती रहती हैं। जिलों से इन केंद्रों की असलियत का पता लगाने के लिए सरकार ने एक टोल फ्री नंबर भी दिया है। इसमें हर दिन दर्जनों शिकायतें आती हैं।
निदेशालय को जितनी भी शिकायतें मिलती हैं उनकी रैंडम जांच करवाई जाती है। निदेशालय ने टोल फ्री नंबर पर आई शिकायतों को जिलों में तैनात अधिकारियों से जांच करने के लिए कहा था।
निदेशालय ने 16 जनवरी को 10 जनपदों की शिकायतों की जांच कर तत्काल रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। लिखित आदेश के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों की वह सूची भी भेजी गई थी जिनकी रिपोर्ट भेजी जानी थी।
लेकिन अधिकारियों ने इस सूची को ही दबा लिया। एक महीने बाद भी जिला कार्यक्रम अधिकारियों व प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट निदेशालय को उपलब्ध नहीं कराई।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार के निदेशक आनंद कुमार सिंह ने ऐसे अधिकारियों को नोटिस दिया है। साथ ही उन्होंने अब तक जांच रिपोर्ट न भेजने को अत्यंत खेदजनक बताया है।