कुपोषण से निपटने में पिछड़ रहे उत्तर प्रदेश में लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने, जनजागरुकता अभियान, गर्भवती माताओं और बच्चों की जांच समेत कई योजनाओं का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। इससे लाभार्थी तक सीधे लाभ पहुंचने के साथ ही ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी की जा सकेगी। एक ही दिन पोषाहार वितरण की व्यवस्था भी की गई है। प्रदेश में बच्चों और माताओं की सेहत सुधार के लिए प्रयासरत विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों से कुपोषण को हराने के लिए उनकी रणनीति जानी मनीष मिश्र ने।
हर लाभार्थी से लिया जाएगा फीडबैक
महिला कल्याण, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की अपर मुख्य सचिव एस राधा चौहान ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण में गड़बड़ी रोकने के लिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। सभी लाभार्थियों का डाटाबेस ऑनलाइन किया जाएगा। हर माह वितरित होने वाले पोषाहार की डिटेल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ऑनलाइन फीड करेंगे।
लाभार्थियों को पोषाहार समय से मिल रहा है कि नहीं, कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं है, इसके लिए हर माह करीब एक लाख लोगों को केंद्रीयकृत काल सेंटर से कॉल करके फीडबैक भी लिया जाएगा। किसी सेंटर पर फीड हुए डाटा और फोन से मिले फीडबैक में विरोधाभास पर संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई होगी। उत्तर प्रदेश में पोषाहार वितरण से लेकर वजन मापने तक का करीब 1.5 करोड़ लाभार्थियों का ऑनलाइन रियल टाइम मॉनिटरिंग के मास्टर प्लान से व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के बारे में बताते हुए एस. राधा चौहान ने कहा कि जो लाभार्थी हैं, उनके मोबाइल नंबर और आधार नंबर के हिसाब से सूचनाएं हमारे पास हैं। हमारे पास 40 सीटों का कॉल सेंटर भी है। जब आंगनबाड़ी केंद्रों से रिपोर्ट आ जाएगी तब कॉल सेंटर से कॉल करके राशन की मात्रा और गुणवत्ता के बारे में फीडबैक लिया जाएगा।
एक ही दिन बांटा जाएगा राशन
नई व्यवस्था के तहत हर आंगनबाड़ी केंद्र पर राशन एक ही दिन बांटा जाएगा। उस दिन कोई भी आंगनबाड़ी केंद्र पर जाकर देख सकता है। इसे पोषण उत्सव का नाम दिया गया है। कोरोना माहामारी से बंद चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र जैसे ही खुलेंगे, इसे शुरू कर दिया जाएगा। तकनीक के उपयोग से पोषाहार वितरण में होने वाली धांधली रोकने के प्रयासों पर उन्होंने कहा, हर आंगनबाड़ी केंद्र को जियो टैग करते हुए पोर्टल पर पोषण उत्सव की फोटो अपलोड करने की सुविधा दी गई है। जब फोटो अपलोड होगी तो ऐसा नहीं होगा कि पिछले महीने और अगले महीने का फोटो एक हो। समय, तारीख के साथ जीपीएस लोकेशन होगी।