सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सामने आया कि हत्याकांड की साजिश जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने रची थी। इसके बाद पुलिस ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ 20 फरवरी को सीजेएम कोर्ट से वारंट जारी किया गया। इसके बाद पूर्व सांसद ने छह मार्च को प्रयागराज के सिविल कोर्ट में चल रहे पुराने मामले की जमानत तुड़वाकर समर्पण कर दिया। कुछ दिन तक उसे नैनी जेल में रखा गया। इसके बाद फर्रुखाबाद भेज दिया गया था, जहां अप्रैल में जमानत मिल गई। इसके बाद से पूर्व सांसद फरार है। लखनऊ पुलिस की टीम लगातार तलाश में दबिश दे रही थी। पूर्व सांसद ने जिला पंचायत चुनाव में पत्नी श्रीकला सिंह को मैदान में उतारा और बाहुबल से जीत दिला दी। इसके पहले ही वारंट जारी होने के कुछ दिन बाद लखनऊ कमिश्नरेट ने धनंजय सिंह पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था।
35 राउंड फायरिंग से दहल गई थी राजधानी
अजीत सिंह पर छह शूटरों ने ताबड़तोड़ 35 राउंड गोलियां बरसाई थीं। पोस्टमार्टम में अजीत को 22 गोलियां लगने की पुष्टि हुई थी। मोहर सिंह को दो गोलियां लगी थीं। वारदात कठौता चौकी के सामने चंद कदमों की दूरी पर हुई थी। शूटर कमता तिराहे के पास स्थित अवध बस स्टेशन पर अपनी बाइक छोड़कर कार से भाग निकले थे।