लंबी दूरी की ट्रेनों में खानपान का दारोमदार अवैध वेंडरों पर ही रहता है। रेलवे जो सुविधाएं उपलब्ध कराता है, वह नाकाफी होने की वजह से अवैध वेंडर फल-फूल रहे थे। अब रेलवे इन अवैध वेंडरों से फीस लेकर इन्हें वैध करेगा और फिर उनसे खानपान सहित साबुन, कंघी, तेल सहित अन्य सामानों की बिक्री कराएगा।
अवैध वेंडरों पर अंकुश लगाने के लिए बेरोजगार युवकों का सत्यापन कर उनको ही ट्रेनों में जरूरत का सामान बेचने के लिए अधिकृत किया जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन के इस प्रस्ताव को जोनल मुख्यालय ने मंजूरी दे दी है। जल्द ही रेलवे का वाणिज्यिक अनुभाग इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर देगा। ट्रेनों में खानपान के सामान के अलावा कंघी, साबुन तेल, खिलौने, तौलिय, लगेज चेन, ताले की भी बिक्री होती है। पर, ये अवैध वेंडरों द्वारा की जाती है। जो मनमाने रेट वसूलते हैं और उनके खिलाफ आरपीएफ अभियान भी चलाती है। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की डीआरएम डॉ. मोनिका अग्निहोत्री ने बताया कि युवाओं को रोजगार के अवसर देने के लिए रेलवे जरूरी सामान बेचने के लिए अधिकृत वेंडर को ही ट्रेनों में इसकी अनुमति देगा। पुलिस सत्यापन के बाद वेंडरों के पहचान पत्र जारी होंगे।