मैगी में खतरनाक केमिकल्स मिलने के बाद पूरे देश में अभियान चलाकर इसकी जांच कराने का अभियान चल रहा है। सैंपल लिए जा रहे हैं और जांच रिपोर्ट आने के बाद कुछ राज्यों ने इस पर प्रतिबंध लगाने का भी ऐलान कर दिया है।
लेकिन राजधानी में चार मई को लिए गए नमूने की जांच अभी तक नहीं हो पाई है। दरअसल लखनऊ की लैब में इनकी जांच करने वाली मशीन ही खराब है। जबकि लैब से जुड़े अधिकारी मशीन खराब होने की हकीकत को छिपा कर जल्द ही जांच रिपोर्ट जारी करने का झांसा दे रहे हैं।
एफएसडीए की राजधानी स्थित लैब से जुड़े जिम्मेदार इस बाबत कुछ भी बताने से इन्कार कर रहे हैं, हालांकि नाम न उजागर करने की शर्त पर एफएसडीए मुख्यालय से जुड़े कुछ जिम्मेदार बताते हैं कि लैब में लेड जांचने वाली मशीन खराब है। वहीं, एफएसडीए के सहायक आयुक्त फूड विजय बहादुर का कहना है कि लैब प्रभारी ने बीते सप्ताह मशीन खराब होने की जानकारी दी थी। मशीन दुरुस्त कराई जा रही है।
बाराबंकी से लिए गए मैगी नूडल्स के नमूनों के रिफरल लैब की जांच में सेहत के लिए जानलेवा पाया गया था। इसके बाद एफएसडीए मुख्यालय के निर्देश पर ही 4 मई को रेंडम सर्वे के तहत अलग-अलग जगहों से मैगी के 12 नमूने लेकर लखनऊ की लैब को भेजे गए थे। एक्ट के प्रावधान और बच्चों की सेहत से जुड़े मामले को देखते हुए रिपोर्ट 14 दिनों में दी जानी थी, लेकिन लैब के अधिकारी करीब एक माह से टालमटोल कर रहे हैं।