बाराबंकी और लखनऊ के बीच की दूरी इतनी कम है कि अलग से प्राधिकरण के गठन का कोई औचित्य नहीं है।
यह कहते हुए आवास विभाग ने बाराबंकी विकास प्राधिकरण (बीडीए) के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को यह निर्देशित किया गया है कि वे अपने बोर्ड में बाराबंकी शहर समेत नजदीकी ब्लॉक बंकी, निंदूरा और देवां को शामिल करने का प्रस्ताव लेकर आएं।
एलडीए में जिले के प्रतिनिधित्व के लिए जिलाधिकारी बाराबंकी को प्राधिकरण बोर्ड का सदस्य बनाया जाएगा। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद बाराबंकी में अवैध निर्माण को रोकने में मदद मिलेगी।
एलडीए अपना एक जोन इस क्षेत्र में बढ़ा सकता है। इसके अलावा मानचित्र और लेआउट पास करने की समस्या भी समाप्त हो जाएगी।
गत माह हुई आवास विभाग की बैठक में बाराबंकी के डीएम एम मिनीस्त्री एस ने बीडीए के गठन का प्रस्ताव पेश किया था। इसमें बाराबंकी के लखनऊ मेट्रोपोलिटिन एरिया में शामिल किए जाने के चलते वहां बड़े स्तर पर अनियोजित विकास की जानकारी दी गई थी।
साथ ही इसे रोकने के लिए बीडीए के गठन की जरूरत बताई गई थी, जिसे शासन ने नामंजूर कर दिया है।
बढ़ जाएगा प्राधिकरण का क्षेत्रफल
लखनऊ मेट्रोपोलिटिन एरिया में वर्ष-2006 में बाराबंकी के देवां और बंकी ब्लॉक के 60 गांवों को शामिल किया गया था। लखनऊ के लिए मास्टर प्लान-2021 के लिए एलडीए और नियोजन विभाग ने दो प्लान बनाए थे।
वर्ष 2005 में मास्टर प्लान-ए लागू कर दिया गया था। इसके बाद वर्ष 2011 में नए जुड़े 197 गांवों के लिए पुनरीक्षित मास्टर प्लान तैयार किया गया। 197 गांवों के जुड़ने से राजधानी का क्षेत्रफल 625 वर्ग किलोमीटर बढ़ गया।
इसके बाद प्लान-सी बनाया गया। इसके तहत बाराबंकी के गांवों को चुना गया। बाराबंकी के 60 गांवों को एलडीए की सीमा में शामिल करने के बाद क्षेत्रफल करीब एक हजार वर्ग किलोमीटर हो गया।
प्राधिकरण का नगर नियोजन विभाग अब एक ऐसी स्टडी कराएगा, जिसमें इन तीन ब्लॉक के अलावा बाराबंकी शहर को भी शामिल किया जाएगा। इससे एलडीए का क्षेत्रफल खासा बढ़ा जाएगा।
लखनऊ-बाराबंकी विकास प्राधिकरण
बाराबंकी क्षेत्र के लिए लखनऊ-बाराबंकी विकास प्राधिकरण नाम दिया जा सकता है। एलडीए के मुख्य नगर नियोजक जेएन रेड्डी का कहना है कि अब कुछ ब्लॉक की बात नहीं है।
बाराबंकी शहर और लखनऊ से लगते सभी ब्लॉकों को इसमें शामिल किया जाएगा। इसके लिए स्टडी कराई जाएगी। नियोजित विकास तो पूरे बाराबंकी की जरूरत है। अब बाराबंकी के क्षेत्रफल से मिले हिस्से को लखनऊ -बाराबंकी विकास प्राधिकरण कहा जा सकता है।
शासन ने किया इनकार
आवास सचिव राजीव अग्रवाल के मुताबिक, 'डीएम बाराबंकी ने बीडीए को लेकर प्रस्ताव शासन को प्रस्तुत किया। मगर लखनऊ और बाराबंकी के बीच इतनी कम दूरी है कि इस प्रस्ताव का कोई औचित्य नहीं है।'
राजीव अग्रवाल ने बताया कि शासन ने इसके लिए मना कर दिया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण को निर्देशित किया गया है कि वे बाराबंकी शहर और बंकी, निंदूरा और देवां ब्लॉक अपनी जद में लाने के लिए एक बोर्ड प्रस्ताव बना कर उसे शासन को प्रेषित करें।
उन्होंने कहा कि बाद में आगे की कार्यवाही की जाएगी। डीएम बाराबंकी को एलडीए बोर्ड का मेंबर भी बनाया जा सकता है।