डॉ.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में अब एंजियोग्राफी के लिए और दर्द नहीं सहना पड़ेगा। संस्थान के कार्डियोलॉजिस्ट की टीम ने मरीजों को राहत पहुंचाने और किसी भी तरह के खतरे से उबारने के लिए हाथ की नर्व्स में कैथेटर डाल एंजियोग्राफी शुरू कर दी है।
इस नई तकनीक की मदद से मरीजों को ब्लीडिंग का खतरा नहीं रहता है और कम समय में ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है।
पहले पैर से केथेटर डालकर एंजियोग्राफी करने में मरीज को पांच से छह घंटे तक पैर सीधा रखना पड़ता था। क्योंकि किसी तरह के मूवमेंट पर भीतर ही भीतर ब्लीडिंग हो सकती है। हाथ में कैथेटर डालकर दो घंटे में जांच हो जाती है।
डॉ.भुवन चंद्र ने बताया कि अब तक सात मरीजों की एंजियोग्राफी नए तरीके से हो गई। किसी को कोई परेशानी नहीं है। टीम में शामिल डॉ. नवीन जाम्बवाल और डॉ. सुदर्शन बताते हैं कि कम समय में एंजियोग्राफी होने से जांच के लिए मरीजों ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा।