17 जून से शुरू हो रहे अधिक मास से पहले बची चार शुभ लग्नों में राजधानी में बैंड बाजा बरात की धूम रहेगी। मानसून आने से पहले 15 जून से खत्म हो रही सहालगों से पहले इधर महज 4 लग्नों में हर दिन शादियों और वैवाहिक आयोजनों की धूम रहेगी।
कारोबारियों और ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक राजधानी और आसपास के कस्बाई इलाकों में 4 लग्नों में लगभग 5 हजार शादियां और वैवाहिक आयोजन होंगे।
10,11,12और 15 जून की लग्नों के लिए होटलों, लॉन, बैंड, कैटरर्स की जबरदस्त बुकिंग है। आचार्य प्रदीप ने बताया कि 15 जून को अंतिम वैवाहिक लग्न है।
17 जून से अधिक मास या मलमास शुरू होने के चलते एक माह तक शादी-ब्याह बंद हो जाएंगे। 16 जुलाई को मलमास खत्म होने के बाद भी कोई लग्न नहीं है।
पांच महीने तक नहीं होंगी शादियां
उसके बाद 27 जुलाई को देवशयनी एकादशी से देवता सो जायेंगे और चतुर्मास शुरू होगा। वर के नारायण स्वरूप होने के कारण चतुर्मास में विवाह नहीं हो सकेंगे।
उसके बाद 22 नवंबर को देवोत्थानी एकादशी से देवता जागेंगे तभी लग्न शुरू होंगी। इस प्रकार 15 जून के बाद लग्न पांच महीने बाद 22 नवंबर को ही मिलेगी। उसके बाद 14 दिसंबर के बाद से खरमास होने के चलते अगले एक महीने तक लग्न नहीं रहेगी। ऐसे में लोगों ने जून में बैंड बाजा बारात को प्राथमिकता दी है।
हर दिन एक हजार बरातों का अनुमान
आचार्य ने बताया कि इन चारों लग्नों में एक अनुमान के मुताबिक तिलक, शादियों समेत करीब 5 हजार से अधिक वैवाहिक आयोजन होंगे।
कैटरर्स कारोबारी कुर्सी रोड के जगत बिहारी ने बताया कि 10, 11, 12 और 15 जून की लग्न तेज है,दो-दो काम कैटरर्स देख रहे हैं, क्योंकि उसके बाद जाड़ों में ही सहालग आएगी।
हर दिन 1000 से 1200 की संख्या में आयोजन हैं। राजाजीपुरम निवासी कमलेश सिंह ने बताया कि वह गर्मियों में शादी नहीं चाहते थे, नवंबर-दिसंबर में जबरदस्त बुकिंग अभी से ही उन्हें फिलहाल 29 फरवरी की बुकिंग लेनी पड़ी है।
नवंबर-दिसंबर में 17 लग्नें
22 नवंबर बाद लग्न
नवंबर में-- 22, 23, 25, 26 और 27 नवंबर कुल 5 लग्न
दिसंबर में-- 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 12, 13 और 14 दिसंबर सहित 12 लग्न