शासन से जारी नए आदेश के तहत अब एंटीजन जांच करीब 80 फीसदी की जाएगी, जबकि आरटीपीसीआर जांचें 20 प्रतिशत होंगी। अभी तक 70 फीसदी एंटीजन व 30 प्रतिशत आरटीपीसीआर जांचें हो रहीं हैं। ऐसे में पॉजिटिव आने का ग्राफ कुछ दिनों में और नीचे आएगा।
स्वास्थ्य विभाग जिले में रोजाना कुल आठ से दस हजार जांच करने का दावा कर रहा है। इसमें से करीब सात से आठ हजार जांचें एंटीजन से कराई जा रही हैं। आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार, एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव होने पर लक्षण वाले मरीजों की आरटीपीसीआर जांच की जाती है।
वहीं, अब एक से डेढ़ हजार ही आरटीपीसीआर जांच की जाएंगी। शासन के निर्देश पर एंटीजन बढ़ाने के साथ ग्राफ थमने लगा। करीब पांच हजार एंटीजन जांच में महज पॉजिटिव निकलने का ग्राफ 100 नहीं पार कर रहा था। सीएमओ डॉ. संजय भटनागर के मुताबिक, एंटीजन टेस्ट बढ़ाने के निर्देश मिले हैं। पहले से अधिक एंटीजन जांचें कराई जाएंगी।