इससे पहले पीड़िता के परिवार वाले सुबह से ही यह उम्मीद लगाए बैठे थे कि रविवार को ही अधिकारी उन्हें लखनऊ ले जाएंगे। कोई अधिकारी सुबह इस सिलसिले में उनसे मिलने नहीं पहुंचा। दोपहर बाद जब पुलिस अधिकारियों ने उनसे यह कहा कि वह अब लखनऊ चलें तो परिवार वालों ने स्पष्ट रूप से मना कर दिया कि रात में खतरे को देखते हुए वे नहीं जाएंगे। ऐसे में यह तय हुआ कि अब सोमवार सुबह ही पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें लखनऊ ले जाया जाएगा।
एसीबी गाजियाबाद में दर्ज हुआ मामला, डीएसपी सीमा पाहूजा होंगी जांच अधिकारी
उत्तर प्रदेश सरकार के आग्रह और केंद्र सरकार की अधिसूचना पर एफआईआर दर्ज करने के बाद सीबीआई ने मामले की कमान जांच अधिकारी (आईओ) एसीबी गाजियाबाद की डीएसपी सीमा पाहूजा को दी है। एजेंसी ने जांच के लिए एक टीम गठित की है। सीबीआई के अनुसार, पुलिस की एफआईआर में पीड़िता के भाई ने आरोप लगाया कि 14 सितंबर 2020 को आरोपी ने बाजरे के खेत में उनकी बहन का गला दबाकर मारने की कोशिश की। आईपीसी की संबंधित धाराओं और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989) के तहत एसीबी गाजियाबाद में रविवार को मामला दर्ज किया गया।
एफआईआर के अनुसार, संदिग्ध अपराध दुष्कर्म, हत्या की कोशिश और सामूहिक दुष्कर्म का है। हाथरस में 14 सितंबर को 19 वर्षीय दलित लड़की से कथित सामूहिक दुष्कर्म किया गया और उसका गला दबाकर हत्या की कोशिश की गई। गंभीर हालत में उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां 29 सितंबर को उसकी मौत हो गई। हाथरस पुलिस और प्रशासन ने बिना परिवार की रजामंदी और मौजूदगी के देर रात उसका गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया। सीबीआई सेे पहले जांच के लिए सरकार ने एसआईटी भी गठित की थी।