केंद्र सरकार ने सूबे के सूखा प्रभावित 50 जिलों के करीब एक करोड़ जॉब कार्ड धारक मनरेगा श्रमिकों को साल में 100 की जगह 150 दिन का काम देने को मंजूरी दे दी है।
लगातार दूसरे साल चौथी दैवी आपदा का सामना कर रहे किसानों के लिए इससे थोड़ी राहत मिलने की संभावना है। प्रदेश सरकार ने इस संबंध में केंद्र को प्रस्ताव भेजा था।
केंद्र सरकार ने देश में सूखे की समस्या सामने आने के बाद सूखा प्रभावित जिलों के मनरेगा श्रमिकों को 100 की जगह 150 दिन काम देने का प्रस्ताव किया था।
सूबे की सरकार ने 50 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने के बाद इन जिलों के मनरेगा श्रमिकों को भी 150 दिन का काम देने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था।
केंद्र ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में केंद्र का आदेश प्रदेश को मिल गया है। सरकार की ओर से इस संबंध में शासनादेश जारी किए जाते ही जिलों में श्रमिकों को 150 दिन काम देने की व्यवस्था लागू हो जाएगी।