मास्टर प्लान 2031 की सिफारिशें लागू हुईं तो हजरतगंज और अमीनाबाद जैसे शहर के प्रमुख बाजारों में नए निर्माण नहीं हो सकेंगे। वहीं डालीगंज, चौक और अहियागंज में मिश्रित भू उपयोग किए जाने का सुझाव दिए गए हैं ताकि इन इलाकों में कार्यालय और आवास दोनों का निर्माण एक ही जमीन पर किया जा सके।
विस्तारित क्षेत्र की महायोजना का जो खाका बना है उसमें आबादी के घनत्व को कम करने के लिए विस्तारित क्षेत्र में कॉलोनियों बसाने पर भी जोर दिया गया है।
मास्टर प्लान 2021 के तहत विकास प्राधिकरण का कुल क्षेत्रफल अभी 43206.90 हेक्टेयर है जो विस्तारित क्षेत्र के बाद 63986.73 हेक्टेयर हो गया है।
एलडीए के सीमा में 2009 में 197 गांव जोड़े गए थे इनमें से 177 गांवों को शामिल करते हुए जो नए मास्टर प्लान प्रारूप बनाया गया है उसमें अमीनाबाद, चौक एवं हजरतगंज में व्यावसायिक गतिविधियां वहां की सड़कों की चौड़ाई और पार्किंग सुविधा के लिहाज से अधिक हैं।
जबकि नवविकसित कॉलोनियों में कॉमर्शियल गतिविधियां कम हैं। इससे असंतुलन की बात कही जा रही है। अहियागंज, चौक व डालीगंज का भू उपयाग मास्टर प्लान में मिश्रित प्रस्तावित किया गया है।
इससे यहां पर भूतल और प्रथम तल पर व्यावसायिक व कार्यालय उपयोग और ऊपरी तल पर आवासीय उपयोग किया जा सकेगा।
महायोजना में किसके लिए कितने जमीन
बिजली आपूर्ति व्यवस्था के लिए कुर्सी रोड, अस्ती मार्ग, रायबरेली रोड, सुल्तानपुर रोड पर विद्युत उपकेंद्र के लिए 202.23 जमीन का प्रस्ताव किया गया है।
ट्रांसगोमती क्षेत्र में एसटीपी के लिए 1196.49 हेक्टेयर
शहर के सीवेज सिस्टम को बेहतर करने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए मास्टर प्लान में1196.49 हेक्टेयर जमीन प्रस्तावित की गई है। मास्टर प्लान के तहत कुर्सी रोड, रैथा मार्ग और देवा रोड पर एसटीपी बनाए जाएंगे।
जलकल के लिए 260 हेक्टेयर
पेयजल व्यवस्था के लिए नए मास्टर प्लान में मोहान रोड, रैथा मार्ग, फैजाबाद मार्ग, देवा रोड और इंदिरा कैनाल के पास वाटर वर्क्स के लिए जमीन चिह्नित की गई है। नई महायोजना में इसके लिए कुल 260.96 हेक्टेयर जमीन प्रस्तावित की गई है।
कुर्सी रोड पर एक और कैटिल कॉलोनी
शहर में अभी हरदोई रोड पर एक कैटिल कॉलोनी है। मास्टर प्लान 2031 में कुर्सी रोड पर भी एक कैटिल कॉलोनी का प्रावधान किया गया है। इसके लिए 114.55 हेक्टेयर जमीन महायोजना में प्रस्तावित की गई है।
हल्के उद्योग के लिए नई जगह
महायोजना में हल्के उद्योगों के लिए मौजूदा क्षेत्र तालकटोरा मार्ग, ऐशबाग, कानपुर रोड, देवा रोड के अलावा कुर्सी रोड, सीतापुर रोड, फैजाबाद रोड और मोहन रोड पर जमीन चिह्नित की गई है। इसमें मोहान रोड को विशेष रूप से शहर के अंदर स्थापित आरा मशीनों को विस्थापित करने के लिए कहा गया है।