नेटवर्क की गड़बड़ी का खामियाजा अब बिजली उपभोक्ताओं को नहीं भुगतना होगा।
विद्युत नियामक आयोग ने उन्हें राहत देने वाला एक आदेश जारी किया है कि देय तारीख तक बिल न जमा होने पर लेट पेमेंट फीस नहीं देनी होगी।
आयोग ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम से कहा है कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए उन सभी जिलों में,जहां ऑनलाइन बिलिंग काउंटर पर बिल जमा करने में असुविधा हो रही है देय तारीख बढ़ाई जाए।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने गत दिनों एक आदेश जारी किया था कि अब नेटवर्क फेल होने पर जो उपभोक्ता बिजली बिल देय तारीख पर नहीं भर सके उन्हें लेट पेमेंट शुल्क देना होगा। यह व्यवस्था नवंबर से लागू होगी।
‘अमर उजाला’ ने 14 अक्टूबर को‘गड़बड़ी नेटवर्क की और जेब कटेगी जनता की’ शीर्षक से खबर छापकर उपभोक्ताओं की व्यथा और नवंबर में लेट पेमेंट शुल्क वसूले जाने का खुलासा किया था।
विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बुधवार को इस मामले को आयोग के समक्ष उठाया तो अध्यक्ष देश दीपक वर्मा ने लेट पेमेंट बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं की राहत वाला आदेश जारी किया।
इस संबंध में सचिव अरुण कुमार श्रीवास्तव ने मुख्य अभियंता लेसा शमीम अहमद से तीन दिन के भीतर नेटवर्क के चलते जो उपभोक्ता बिल जमा नहीं कर सके उसकी रिपोर्ट तलब की है।
उन्होंने मुख्य अभियंता को निर्देशित भी किया कि नेटवर्क फेल होने के कारण जो उपभोक्ता बिल जमा नहीं कर पाए तो उनके लिए देय तारीख को तत्काल बढ़ाया जाए।
सचिव ने इसी क्रम में पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक को भी निर्देशित किया किया है कि जिस-जिस जिले में ऑनलाइन बिलिंग काउंटर पर बिजली बिल जमा करने में असुविधा हो रही है, वहां तत्काल बिलों की देय तारीख को बढ़ाकर अवगत कराएं।