राज्य सरकार ने लगातार दूसरे साल गन्ना मूल्य में कोई वृद्धि नहीं की है। शनिवार को वर्ष 2019-20 के लिए गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य (एसएपी) घोषित कर दिया गया। पिछले वर्ष की तरह ही अगैती प्रजाति के लिए 325, सामान्य प्रजाति के लिए 315 और अनुपयुक्त प्रजाति के लिए 310 रुपये प्रति कुंतल गन्ना मूल्य निर्धारित किया गया है।
राज्य सरकार ने गन्ना मूल्य की घोषणा कैबिनेट बाई सर्कुलेशन की है। प्रमुख सचिव गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया। गत पेराई सीजन के गन्ना मूल्य और ढुलाई भाड़े को इस बार भी यथावत रखा गया है। बाहरी क्रय केंद्रों से मिल गेट तक गन्ना ढुलाई भाड़े की कटौती 42 पैसे प्रति क्विंटल, प्रति किमीमीटर और अधिकतम 8.35 रुपये प्रति कुंतल रहेगी।
लगातार दूसरे साल गन्ना मूल्य वृद्धि नहीं होने से किसानों को मायूसी हुई है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई गन्ना मूल्य निर्धारण समिति की बैठक में किसान प्रतिनिधियों ने बिजली, उर्वरक, डीजल, लेबर चार्ज व कीटनाशकों समेत सभी कृषि उपयोग की सभी चीजों की महंगाई का हवाला देते हुए न्यूनतम 400 रुपये क्विंटल गन्ना मूल्य की मांग की थी। उनका कहना था कि लगातार लागत बढ़ने के बावजूद गन्ना मूल्य नहीं बढ़ने से गन्ने की खेती घाटे का सौदा हो सकती है।
40 हजार करोड़ की नकदी फसल है गन्ना
प्रदेश में गन्ना कृषि अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। यह प्रदेश में 40 हजार करोड़ रुपये सालाना से ऊपर की नकदी फसल है। प्रदेश के 40 जिलों में गन्ना उत्पादन होता है और लगभग 50 लाख गन्ना उत्पादक किसान है। उनसे जुड़े परिवारों को जोड़कर करीब ढाई करोड़ लोग गन्ने की खेती से जुड़े हैं। भाजपा सरकार ने वर्ष 2017-18 में गन्ना मूल्य में 10 रुपये कुंतल की वृद्धि की थी। इसके बाद 2018-19 और इस बार 2019-20 में गन्ना मूल्य में कोई वृद्धि नहीं की गई है।
पिछले सालों का गन्ना मूल्य (सामान्य प्रजाति, रुपये प्रति क्विंटल)
पेराई सीजन गन्ना मूल्य वृद्धि किसकी सरकार
2011-12 240 35 बसपा
2012-13 280 40 सपा
2013-14 280 00 सपा
2014-15 280 00 सपा
2015-16 280 00 सपा
2016-17 305 25 सपा
2017-18 315 10 भाजपा
2018-19 315 00 भाजपा
2019-20 315 00 भाजपा
ध्यान रहे...
अगैती प्रजाति का गन्ना मूल्य सामान्य से 10 रुपये अधिक और अनुपयुक्त का 5 रुपये कम होता है।