केजीएमयू में डॉक्टर और कर्मचारियों के विरोध के बाद केजीएमयू प्रशासन बैकफुट पर आ गया है। पिछले सप्ताह केजीएमयू प्रशासन ने मातृत्व एवं बाल्य देखभाल अवकाश के लिए नोटरीयुक्त शपथपत्र लगाने का फरमान जारी किया था।
इस आदेश को तुगलकी बताते हुए कर्मचारियों ने विरोध किया था। विरोध के बाद केजीएमयू प्रशासन ने यह अनिवार्यता हटा दी है। अवकाश के लिए डॉक्टर-कर्मचारियों को सिर्फ स्वप्रमाणित शपथपत्र देना होगा।
विवि के कुलसचिव आशुतोष कुमार द्विवेदी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। आदेश के अनुसार कर्मचारियों को अब नोटरीयुक्त शपथ पत्र नहीं देना होगा। हालांकि ई-ऑफिस लागू होने की वजह से छुट्टी स्वीकृत कराने के लिए सभी को पोर्टल पर ही आवेदन करना होगा।
इससे फाइल चलाने में लगने वाले समय की बचत होगी तथा सभी के द्वारा ली गई छुट्टी का आंकड़ा रखना भी आसान होगा।