जनता दल (यू) के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं, लेकिन पीएम मैटेरियल जरूर हैं। पार्टी ने उन्हें पीएम कैंडिडेट नहीं बताया है। किसी दूसरे दल का नेता अगर उन्हें 2019 का पीएम कैंडिडेट बता रहा है तो उसे नहीं रोक सकते।
उन्होंने कहा कि वे विरोधी दलों को यह सलाह जरूर देंगे कि 2019 में अगर भाजपा को केंद्र में आने से रोकना है तो 2017 में यूपी में उसे हराना होगा। यह काम सभी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने से ही हो सकता है।
त्यागी शनिवार को यहां प्रेस क्लब में पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने उनकी डिग्री को लेकर जो सवाल खड़े किए हैं, उन पर उन्हें सच्चाई सार्वजनिक करनी चाहिए।
'भाजपा को रोकना है तो अहं छोड़ने होंगे'
केसी त्यागी
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त्यागी ने कहा कि वह जानते हैं कि यूपी में उनकी पार्टी की बहुत ताकत नहीं है। सपा-बसपा से वैचारिक समानता जरूर है लेकिन वे अपने-अपने आभा मंडल के अहं में हैं। दोनों दल यूपी में महागठबंधन से अलग रहने की घोषणा कर चुके हैं।
रही बात रालोद नेता अजित सिंह की तो उनसे बात जरूर हुई थी, पर काफी दिनों से उन्होंने भी गठबंधन पर कोई रिस्पांस नहीं दिया है। त्यागी ने कहा कि वह सिर्फ यही कहेंगे कि भाजपा को रोकना है तो अहं छोड़ने होंगे। जदयू फिलहाल भाजपा विरोधी दलों को जोड़ने की कोशिश छोड़ेगा नहीं। छोटे दलों को भी साथ जोड़ेगा।
12 मई से पिंडारा वाराणसी से पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन शुरू होने जा रहे हैं, जो तीन महीने तक चलेंगे। उसके बाद जैसी स्थिति होगी, उस आधार पर यूपी में सीटों की संख्या तय करके चुनाव लड़ने की योजना बनाई जाएगी।
आरएसएस मजबूत न होता तो भाजपा को यूपी में न मिलतीं 73 सीटें
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एक सवाल पर त्यागी ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कमजोर संगठन है। संघ बहुत मजबूत है। मजबूत न होता तो लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में 80 में से 73 सीटें भाजपा को न मिलतीं।
बुंदेलखंड पर न हो राजनीति
त्यागी ने कहा कि प्रदेश सरकार गन्ना किसानों और समितियों को उनका हक का भी पैसा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। सभी को मिलकर इस संवेदनशील मुद्दे का समाधान तलाशना चाहिए।
अगस्ता हेलीकॉप्टर घोटाले पर जद यू की चुप्पी के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनका दल चुप नहीं है। पर, वह चाहता है कि किसी का चरित्र हनन न किया जाए। कोई तथ्य हैं तो सामने लाए जाएं।