राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने यूपी विधानसभा चुनाव में एनसीपी के चुनाव लड़ने पर स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी कुछ सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वह शनिवार को चारबाग स्थित रवीन्द्रालय में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में बोल रहे थे।
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उन्होंने यूपी के हालात पर कहा कि बुंदेलखंड समेत यूपी के सूखा प्रभावित जिलों की तरफ केंद्र सरकार का ध्यान नहीं है। प्रदेश व केंद्र सरकार को विवादों में उलझने के बजाय लोगों की मदद करनी चाहिए। सूखे को देखते हुए भारत सरकार को यूपी को स्पेशल पैकेज देना चाहिए।
पवार ने मोदी सरकार पर वादों से मुकरने और जनता को धोखा देने का आरोप लगाया। कहा कि नरेन्द्र मोदी और भाजपा के अन्य नेताओं ने लोकसभा चुनाव में वादा किया था कि किसानों को फसलों के लागत मूल्य पर 50 फीसदी मुनाफा दिया जाएगा लेकिन इसे पूरा नहीं किया। दो साल में गेहूं, चावल, गन्ना और दूध उत्पादकों की स्थिति गंभीर हो गई।
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दुनिया में भारत की पहचान खेती में पैदावार के लिए नहीं, किसानों की आत्महत्या के लिए हो रही है। ऋण वसूली में बेइज्जती से आहत होकर कुछ किसान आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं। जिनके हाथों में देश की हुकूमत है, उनकी नीतियों के केंद्र में किसान नहीं है।
देश की अन्तर्राष्ट्रीय छवि को लगा धक्का
- फोटो : amar ujala
पवार ने कहा, इसी तरह हुकूमत चली तो किसानों, आमजन के लिए इंसाफ की उम्मीद नहीं की जा सकती। एनसीपी के राष्ट्रीय महासचिव डीपी त्रिपाठी ने कहा, यूपीए सरकार में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की जो छवि बनी थी, उसे मोदी सरकार में धक्का लगा है। दादरी जैसी घटनाओं से कालिख लग रही है।
यूपी की हालत देखनी है तो बुंदेलखंड जाइए
एनसीपी अध्यक्ष ने कहा, सूखे की चर्चा होती है तो महाराष्ट्र के लातूर का नाम आता है लेकिन बुंदेलखंड की स्थिति भी बहुत खराब है। प्रदेश के 72 जिले सूखे की चपेट में है। कुछ दिन पहले संसद में सूखे पर चर्चा हुई थी। इस तरफ केंद्र सरकार का ध्यान नहीं है।
मोदी ने वाराणसी से चुनाव लड़कर यूपी के लोगों को सपने दिखाए। उन्हें लगा प्रदेश का चेहरा बदल जाएगा। परिवर्तन और तरक्की के लिए यूपी ने भाजपा और उसके सहयोगी दलों के 73 सांसद जिताए लेकिन दो साल में प्रदेश की क्या स्थिति हुई ? इसे देखना है तो बुंदेलखंड चले जाइए। केंद्र सरकार को बुंदेलखंड के लिए स्पेशल पैकेज देना चाहिए।
विकास नहीं सांप्रदायिकता के रास्ते पर चल रही है भाजपा
- फोटो : amar ujala
पवार ने कहा, केंद्र सरकार दो साल में कोई बदलाव नहीं कर सकी। किसानों को मेहनत की कीमत नहीं मिल रही। शांति और भाईचारा नहीं है। विकास के बजाय भाजपा सांप्रदायिकता के रास्ते पर चली।
यूपी हो, मध्य प्रदेश, गुजरात या महाराष्ट्र भाजपा समाज को बांटने में लगी है। लोग मानने लगे हैं कि उनके साथ धोखा हुआ है। वे गंभीरता से अपने फैसले पर सोच रहे हैं। कहने लगे हैं, हो गई भूल कमल का फूल।
खेती करना आसान नहीं रह गया
उन्होंने कहा, आजादी के समय 35 करोड़ आबादी थी और खेती पर 80 फीसदी लोग निर्भर थे। अब 110 करोड़ से ऊपर आबादी है और 60 फीसदी लोग खेती पर आश्रित हैं। जमीन घटती चली गई लेकिन खेती पर निर्भर आबादी बढ़ती चली गई।
40 साल में कृषि जोत इतनी छोटी हो गई कि खेती करना आसान नहीं रह गया। परिवार के सभी सदस्य खेती करेंगे तो किसानों की बदहाली दूर नहीं होगी।
एनसीपी अध्यक्ष ने एक सवाल के जवाब में कहा, यूपी में उनकी पार्टी कुछ सीटों पर चुनाव लड़ेगी। गठबंधन के प्रश्न पर कहा कि हम मजबूत नहीं होंगे तो कौन गठबंधन के लिए बात करेगा। पहला ध्यान पार्टी को मजबूत बनाने पर है। यूपी में हमने जीरो से शुरुआत की है। प्रदेश के हर जिले में जाएंगे।
अगस्ता विवाद में सोनिया की तरफदारी
पवार ने अगस्ता सौदे को लेकर चल रहे आरोप-प्रत्यारोप में अपरोक्ष रूप से कांग्रेस नेताओं व सोनिया गांधी का बचाव किया। कहा कि जांच में भारतीय सेना के कुछ अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। सीबीआई को उनसे पूछताछ कर सख्त कदम उठाने चाहिए। केंद्र सरकार दूसरों (कांग्रेस नेताओं) पर इल्जाम डालने की कोशिश कर रही है।
10 जून से निकालेंगे किसान यात्रा
प्रदेश अध्यक्ष केके शर्मा ने कहा, 10 जून से एनसीपी के स्थापना दिवस पर बलिया से दिल्ली तक किसान यात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने सपा सरकार पर हर क्षेत्र में नाकामी का आरोप लगाया। कहा कि सपा और बसपा का एजेंडा प्रदेश को लूटने का है।