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यूपी विधानसभा में कथित विस्फोटक की NIA जांच में नया मोड़, ये है शर्त

Fri, 21 Jul 2017 09:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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फाइल फोटो (यूपी विधानसभा) - फोटो : amar ujala
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यूपी विधानसभा में 12 जुलाई को कथित विस्फोटक मिलने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अभी केस अपने हाथ में नहीं लेगी। सूत्रों का कहना है कि यूपी एटीएस की ओर से केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला हैदराबाद भेजे गए नमूने की रिपोर्ट आने के बाद इस पर फैसला होगा।
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जांच में अगर पीईटीएन पॉजिटिव पाया जाता है, तभी एनआईए इसकी जांच अपने हाथ में लेगी। सूत्रों का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट पर आगरा और लखनऊ के एफएसएल में छिड़े विवाद पर एनआईए की भी नजर है।

शायद यही वजह है कि अब नमूने को हैदराबाद स्थित हैदराबाद भेजा गया है ताकि उक्त पदार्थ में कौन-से तत्व थे, इसकी सच्चाई सामने आ सके।

वहीं, मामले का जायजा लेने लखनऊ पहुंचे एनआईए के एसपी अतुल गोयल और फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. बीएस वासवानी गुरुवार को दिल्ली चले गए।
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सीएफएसएल खोलेगा कथित विस्फोटक का राज

- फोटो : amar ujala
एटीएस के सूत्रों का कहना है पांच दिन के अंदर हैदराबाद से रिपोर्ट आने की संभावना है। माना जा रहा है कि सोमवार तक रिपोर्ट आने के बाद इस पूरे मामले में स्थिति साफ हो जाएगी।

तकनीकी सेवा के अधिकारियों ने ली पत्राचार की जानकारी
लखनऊ एफएसएल की ओर से इस पूरे मामले में किए गए पत्राचार के बारे में तकनीकी सेवा के अधिकारियों ने एफएसएल के निदेशक से जानकारी ली। सूत्रों के अनुसार पत्राचार को लेकर भी कई खामियां नजर आई हैं।

दरअसल कोई भी एफएसएल से सीधे पत्राचार नहीं कर सकता। तकनीकी सेवा के आईजी के माध्यम से पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जाता है। वहीं किसी जांच के संबंध में संबंधित जिले के पुलिस कप्तान या विवेचक से ही एफएसएल के अधिकारी पत्राचार कर सकते हैं।
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