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एनजीटी की अनुश्रवण समिति ने नगर निगम को दिया आदेश, तीन दिन में हटाएं गोमती के किनारों से कूड़ा

Fri, 03 May 2019 11:42 AM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
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गोमती नदी
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की यूपी ठोस एवं अपशिष्ट प्रबंधन एवं अनुश्रवण समिति ने गुरुवार को लखनऊ नगर निगम को तीन दिन में गोमती के दोनों किनारे से कूड़ा हटाने का आदेश दिया है। साथ ही घैला के किनारे जमा कूड़े के ढेर का निस्तारण भी छह महीने में जैविक उपचार विधि से करने को कहा है। 
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अनुश्रवण समिति के चेयरमैन डीपी सिंह और सचिव राजेंद्र सिंह ने बताया कि 24 अप्रैल को हुई बैठक में नदी के किनारों पर जमा कूड़ा साफ करने का प्रस्ताव रखा गया था।

इसी आधार पर नगर आयुक्त को आदेश दिया गया है। शहरी क्षेत्र में कूड़ा जमा होने से भूजल प्रदूषित हो रहा है। नगर निगम का भी दायित्व है कि वह नागरिकों को स्वच्छ माहौल मुहैया कराने पर राशि खर्च करें।
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लोगों के जीवन के लिए खतरा है कूड़ा

समिति का मानना है कि गोमती के किनारों पर इकट्ठा ठोस व जैविक कूड़ा नदी के पानी को प्रदूषित कर लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रहा है। आधे शहर में गोमती का पानी पेयजल में इस्तेमाल हो रहा है। इसके अलावा कूड़ा नदी के जीवों के लिए खतरा बन रहा है। 

10 को फिर होगी कूड़ा निस्तारण की समीक्षा
सचिव ने बताया कि 10 मई की बैठक में कूड़ा निस्तारण की फिर समीक्षा होगी। समिति ने निरीक्षण में पाया कि घैला में पड़ा कूड़ा आसपास का भूजल प्रदूषित कर रहा है। यहां से कूड़ा हटाते समय प्रदूषण न फैले, इसके लिए निगम को जैविक उपचार विधि से निस्तारण करने को कहा गया है।
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नगर निगम, ईकोग्रीन पर लग चुका है जुर्माना

राजधानी की बदहाल सफाई व्यवस्था से नाराज समिति ने हाल ही में नगर निगम पर पांच करोड़ का जुर्माना ठोंका था। सफाई व्यवस्था संभालने वाली कंपनी ईको ग्रीन पर भी दो करोड़ का जुर्माना लगाया था।
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