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प्रचार थमते ही कैमरों की निगरानी में रहेंगे सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशी

Fri, 03 May 2019 11:16 AM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
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CCTV Camera
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राजधानी में चार मई को शाम छह बजे लोकसभा चुनाव के प्रचार का शोर थमते ही सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशी मतदान दिवस तक निर्वाचन आयोग के कैमरों की निगरानी में रहेंगे।
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लखनऊ शहर और मोहनलालगंज सीट से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों की व्यक्तिगत दिनचर्या को छोड़कर अन्य सभी गतिविधियों पर आयोग के नामित प्रेक्षकों की नजर रहेगी। 

मतदान दिवस से 48 घंटा पहले हर प्रत्याशी प्रशासन की ओर से मुहैया कराए गए मोबाइल वीडियोग्राफी टीम की निगरानी में रहेगा। वीडियो फुटेज के आधार पर ही प्रत्याशी से जुड़ी किसी भी गतिविधि या मतदाताओं को प्रभावित करने वाले क्रियाकलाप को आधार बना इसकी रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजी जाएगी। यह जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी और डीएम कौशल राज शर्मा ने दी।
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उन्होंने बताया कि दोनों लोकसभा सीटों को मिलाकर 12 सचल वीडियोग्राफी टीमें अलग से गठित की गई हैं। प्रचार थमने के साथ ही शाम छह बजे से गठित वीडियो कैमरा युक्त सचल टीमें भाजपा, कांग्रेस व सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशियों की निगरानी में जुट जाएगी। 

चार निगरानी टीमें मोहनलालगंज और आठ टीमें लखनऊ सीट के तीनों प्रत्याशियों के साथ पार्टी के राज्य मुख्यालयों व प्रत्याशी के आवास की निगरानी कर विडियो फुटेज तैयार करेंगी।

इस बात पर विशेष नजर रहेगी कि प्रचार थमने के बाद 48 घंटे में प्रत्याशी किससे मिलते हैं, कहां जाते हैं, उनके या समर्थकों के माध्यम से कोई ऐसा कार्य तो नहीं हो रहा जो आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के दायरे में हो। 

...तो की जाएगी कार्रवाई की सिफारिश 

कोई भी प्रत्याशी गुपचुप तौर से मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का कोई हथकंडा अपनाता मिला तो उसके खिलाफ आयोग को रिपोर्ट भेज त्वरित कार्रवाई की संस्तुति होगी। 

प्रत्याशियों की निगरानी में शिफ्टवार लगने वाली सचल वीडियोग्राफी टीमों की शाम पांच बजे तक की प्रत्याशियों से जुड़ी गतिविधियों की विडियो फुटेज प्रशासन द्वारा सीधे आयोग स्तर से नामित दोनों सीटों के पर्यवेक्षक को सौंपी जाएगी। 

हर एक वीडियोग्राफी टीम में नामित मजिस्ट्रेट के संग एक एसआई, दो सिपाही व एक वीडियो कैमरामैन रहेगा।
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खान-पान दुकानें पर होगी नजर

मतदाताओं को लुभाने के लिए मुफ्त खानपान कराने की प्रत्याशी समर्थकों की हरकत पर भी आयोग के प्रेक्षक नजर रखेंगे। प्रत्याशी के प्रभावक्षेत्र से जुड़े इलाकों में खान पान सामग्री की बिक्री से जुड़ी हर दुकान, ढाबा, होटल की गतिविधि सर्विलांस टीमों की निगरानी में रहेगी।

सकी निगरानी की दैनिक रिपोर्ट भी आयोग के पर्यवेक्षक को भेजी जाएगी। गड़बड़ी की स्थिति में वीडियोग्राफी फुटेज के बाद ढाबे व होटल खर्च की पूरी राशि प्रत्याशी के चुनावी खर्च में शामिल होगी।
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