लखनऊ में मकानों की सिस्टमेटिक नंबरिंग कर उन्हें नई पहचान दी जाएगी, ताकि किसी भी पते तक आसानी से पहुंचा जा सके। मकानों की नंबरिंग कैसे की जाएगी, इसके लिए खाका भी तैयार हो गया है।
इसमें तय किया गया है कि सड़क के दाहिनी और सम और बाईं ओर विषम नंबर दिए जाएंगे। इसके साथ ही मकानों की नंबरिंग में एकरूपता के लिए कई और प्रावधान किए गए है।
शहर में मकानाें की नंबरिंग की अभी कोई अधिकृत व्यवस्था नहीं है। जिस पते के आधार पर मकान या प्लॉट की रजिस्ट्री होती है उसी के आधार पर उसकी नंबरिंग कर ली जाती है। उसी रजिस्ट्री के आधार पर नगर नगर निगम में मकान का नंबर दर्ज हो जा रहा है।
शहर में हर ओर तेजी से बस रही नई कॉलोनियों और मोहल्लों में लोग अपने हिसाब से नंबरिंग कर ले रहे हैं। इसे देखते हुए अब शासन ने मकानों की सिस्टमैटिक नंबरिंग करने का आदेश जारी किया है।
पहचान के साथ बनेगी मार्गो की सूची
- फोटो : डेंमो
इस संबंध में प्रारूप भी तैयार कर नगर निगम को भेज दिया है। अब नगर निगम को नए सिरे से मकानाें की नंबरिंग का काम करना है। उससे पहले सर्वे कराना होेगा। गलियाें व सड़कों को चिह्नित कर उनका नाम भी तय करना होगा।
शासन के आदेश के तहत मकानों की नंबरिंग से पहले सर्वे कर मोहल्लों की सूची बनाई जाएगी। इसके लिए जनगणना और मतदाता सूची में उपलब्ध सूचनाओं का भी उपयोग किया जाएगा।
मोहल्लों को सूचीबद्ध करने के बाद वहा स्थित सड़कों व गलियों की नंबरिंग की जाएगी। इसके बाद यह सर्वे होगा कि वहां बने मकानों की नंबरिंग सही है या नहीं। यदि नंबरिंग सही न मिली तो वहां बने मकानों को नए सिरे से नंबर आवंटित किए जाएंगे।
मकानों की नंबरिंग से पहले नगर निगम क्षेत्र में आने वाले सभी राष्ट्रीय राज मार्ग, राज्य मार्ग, जिला मार्ग व नगर के मुख्य मार्ग और उनसे जुड़ने वाले मार्गों का नामकरण कर भौगोलिक पहचान स्थापित की जाएगी। ताकि जब मकान की नंबरिंग हो तो पूरा पता सही रहे और उसे कोई भी आसानी से ढूंढ सके।
मांगे गए सुझाव
डेमो
नए सिरे से मकानों की नंबरिंग करने को लेकर शासन ने जो प्रारूप बनाया है। उस पर अमल से पहले नगर निगम से आपत्ति और सुझाव भी मांगे हैं ताकि उनको प्रारूप में शामिल किया जा सके। यही नहीं काम शुरू करने से पहले प्रारूप को सार्वजनिक भी किया जाएगा। प्रारूप पर सुझाव नगर निगम को अप्रैल तक शासन को देने हैं।
फैक्ट फाइल
दाहिनी ओर सम और बायीं ओर विषम होगी नंबरिंग
प्रमुख बाजारों की नंबरिंग में उनका भी रहेगा नाम
हर मोहल्ले में एक नंबर से शुरू की जाएगी नंबरिंग
गलियों की भी होगी नंबरिंग
उप मार्गों का नामकरण भी किया जाएगा
जनगणना लिस्ट और वोटर लिस्ट की सूचनाओं का भी होगा उपयोग
जहां गलत नंबरिंग होगी वहां वहां नए सिरे से की जाएगी नंबरिंग
’मकानों की सिस्टमेटिक नंबरिंग के लिए शासन का आदेश आया है। उसका अध्ययन किया जा रहा है। यह बड़ा काम है। अगले माह से इसके लिए टीम बनाकर काम शुरू किया जाएगा। शासन का उद्देश्य है कि शहर में मकानों की नंबरिंग सिस्टमेटिक हो ताकि लोगों को पता खोजने में समस्या न हो।’ - पीके श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त