प्रदेश की नई आवास नीति का खाका खींचा जा चुका है। इंतजार है तो बस मुख्यमंत्री से मंजूरी मिलने का।
उनकी मंजूरी मिलते ही इसे कैबिनेट के पास भेज दिया जाएगा। नई आवास नीति की खास बात यह होगी कि इससे छोटे मकानों के द्वार खुल जाएंगे।
गरीब और निम्न मध्य वर्ग के लोगों को मकान लेने के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा। इसके अलावा घनी आबादी में मिक्स लैंडयूज को मंजूरी भी दे दी जाएगी।
प्रदेश में 2009 से नई आवास नीति बनाने की कवायद चल रही है। बसपा सरकार में इस नीति को अंतिम रूप दे दिया गया था लेकिन सत्ता बदलने के बाद अब नए सिरे से इसका मसौदा तैयार किया गया है।
इस नीति की खास बात यह होगी कि छोटे शहर विकसित करने की योजनाएं बनेंगी। इसके लिए निजी भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
प्लाट तभी फ्री होल्ड किया जाएगा जब उस पर निर्माण हो जाएगा। 2000 वर्ग मीटर से एक हेक्टेयर की आवासीय योजना में डेवलपर्स को शेल्टर फीस देने पर ईडब्लूएस व एलआईजी मकान बनाने से छूट दे दी जाएगी।
एक से चार हेक्टेयर की आवासीय योजना में ईडब्लूएस व एलआईजी मकान बनाना अनिवार्य करने की तैयारी है।