अल्पसंख्यकों पर मेहरबान राज्य सरकार ने सभी सरकारी विभागों में तैनात उर्दू अनुवादकों का पदनाम और ग्रेड-पे बढ़ा दिया है।
अब उर्दू अनुवादक सह प्रभारी अधिकारी का पदनाम उर्दू अनुवादक सह प्रधान सहायक कर दिया गया है।
साथ ही ग्रेड पे 1900 रुपये के स्थान पर 2000 किया गया है।
इसके अलावा सभी राजकीय विभागों में इसके न्यूनतम तीन पदों का संवर्गीय ढांचा करने को कहा गया है।
यह बदलाव वेतन समिति 2008 की संस्तुतियों के आधार पर किया गया है।
राज्य सरकार अल्पसंख्यकों में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव राजीव कुमार ने सभी विभागों पत्र लिखकर वेतन समिति की सिफारिशों पर अमल करने को कहा है।
इसके तहत कनिष्ठ सहायक संवर्ग के तृतीय स्तर के पद का नाम उर्दू अनुवादक सह-प्रभारी अधिकारी (प्रशासन) के स्थान पर उर्दू अनुवादक सह प्रधान सहायक कर दिया है।
उर्दू अनुवादक सह कनिष्ठ सहायकों के तीन पदों से कम वाले विभागों में नए सिरे से संवर्गीय ढांचा निर्धारित किया गया है।
15 वर्ष की सेवा के बाद यह पदनाम वरिष्ठ सहायक और ग्रेड-पे 2800 रुपये हो जाएगा। वरिष्ठ सहायक के रूप में नौ वर्ष की सेवा के बाद पदनाम उर्दू अनुवादक सह प्रधान सहायक और ग्रेड-पे 4200 रुपये होंगे।
इस उच्चीकरण को पदोन्नति के रूप में माना जाएगा। शासन की लिखापढ़ी के बाद वाणिज्य कर विभाग ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
विभाग के एडिशनल कमिश्नर (प्रशासन) राम मनोहर मिश्र ने सभी जोनों को चिट्ठी लिखी है।