ये तहजीब का शहर है। पर इसी शहर में शुक्रवार देर शाम एक बच्ची को कूड़े में फेंक दिया गया। इस बच्ची पर कुत्तों का झुंड टूट पड़ा। लोगों ने देखा और तमाशबीन बनकर खडे़ रहे।
बच्ची के शरीर को कुत्ते नोंच-नोंचकर खा गए। क्या इस घटना को देखने और सुनने के बाद आप यही कहेंगे-ये तहजीब का शहर है? जन्म लेने के कुछ घंटे बाद ही बच्ची को गऊघाट पंपिंग स्टेशन के पास फेंका गया।
बच्ची जिंदा था या मरी, यह अलग बात हो सकती है...पर उसके बाद जो कुछ हुआ वह हमारे इंसान होने पर सवाल उठाती है। दौलतगंज नाना पीर मजार के पास रहने वाली शांति गुप्ता बताती हैं-शाम के सात बजे होंगे कि इसी बीच पंपिंग स्टेशन के पास नवजात बच्ची का शव मिलने का हल्ला मचा।
हम दूसरी महिलाओं के साथ दौड़ते हुए पहुंचे तो नजारा देखकर दिल दहल गया। पांच-छह कुत्ते एक बच्ची के शरीर के हिस्से को खाने के लिए आपस में लड़ रहे थे।
हमने शोर मचाकर कुत्तों को भगाने की कोशिश की पर उनपर कोई असर नहीं पड़ा। सारी महिलाएं रोने लगीं। हमने वहां मौजूद युवकों से कुत्तों को भगाकर शव का बचा हिस्सा दफनाने के लिए कहा लेकिन कोई नहीं सुना।
महिलाएं आंखें बंद करके घर चली गईं। इस बीच कुत्तों ने शव खा डाला। शांति का कहना है कि इस घटना को देखने के बाद हमारे गले से निवाला नहीं उतरा