कूड़े के ढेर में मिले नवजात शिशु
- फोटो : amar ujala
शायद हमारा समाज बेटियों के प्रति भेदभाव और उन्हें बोझ समझने की मानसिकता से उबर नहीं पा रहा। तभी तो उनके प्रति उसकी संवेदनहीनता कम होती नहीं दिख रही। ऐसे ही एक घटना ने फिर शहर-ए-तहजीब को शर्मसार कर दिया।
एक ही दिन में राजधानी के दो अलग-अलग इलाकों में दो नवजात बच्चियों के शव कूड़े के ढेर में फेंके मिले। इसमें से एक की पहचान हो गई है और पुलिस दोनों ही मामलों की छानबीन में जुटी है।
चौक इंस्पेक्टर ने बताया कि सुबह राहगीरों ने कूड़े के ढेर में नवजात का शव पड़ा होने की सूचना दी थी। बच्ची का शव पॉलीथिन में लिपटा था। पास ही एक प्लास्टिक का बोरा पड़ा था। आशंका है कि बच्ची के पैदा होते ही उसे बोरे में रखकर कोई कूड़े के ढेर में फेंक गया।
पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन किसी को शव के बारे में जानकारी नहीं थी। बच्ची किसकी है? माता-पिता उसे क्यों और किन हालातों में फेंक गए? इस बारे में पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने मौत की वजह जानने के लिए शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
घरवाले बोले, हम तो दफना आए थे...
कूड़े के ढेर में नवजात
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पीजीआई थाना क्षेत्र के तेलीबाग में शनि मंदिर के पीछे पैदा हुई बच्ची का शव मिलने से सनसनी मच गई। मृतका के एक हाथ में वीगो लगी थी। तेलीबाग चौकी प्रभारी कौशलेंद्र यादव ने बताया कि कूड़े के ढेर में मिले कागजों से शव की पहचान कर ली गई है।
मृत बच्ची कृपा शंकर सोनी और अनीता की है। अनीता ने बाल दिवस को कृष्णा लाइफ लाइन अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था। बच्ची को पीलिया की बीमारी थी। उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया लेकिन दो दिन बाद मौत हो गई।
हाथ में लगे वीगो से बच्ची को ग्लूकोज व दवाएं दी जा रही थीं। परिवारीजनों का कहना है कि शव शनि मंदिर के पीछे कब्रिस्तान में दफन कर दिया था। शव बाहर कैसे आया? इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पहले भी कूड़े के ढेर में बच्चियों के फेंके जाने की घटनाएं सामने आई है। नाका में नवजात का शिशु मिला था। वहीं मड़ियांव की नौबस्ता पुलिया पर नवजात के शव को कुत्ते नोंच रहे थे।
इसी तरह पीजीआई के वृंदावन सेक्टर पांच में भ्रूण फेंका मिला था, जो बच्ची का था। पीजीआई नें नहर के किनारे पड़े भ्रूण को कुत्ते नोंच रहे थे। वजीरगंज मं शिक्षा भवन व हाथी पार्क के पास भी शव और भ्रूण फेंका मिला था।