राजधानी में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को आलमबाग क्षेत्र के दो परिवारों के 12 लोग डेंगू की चपेट में आ गए। इनको मिलाकर 18 नए मामले सामने आए।
इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में लोगों के बीमार होने का सिलसिला जारी है। काफी लोगों की रिपोर्ट निजी लैब में जांच के बाद डेंगू पॉजिटिव आई हैं। स्वास्थ्य विभाग की सूची में ऐसे लोगों के नाम शामिल नहीं हैं।
उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. केपी त्रिपाठी की टीम ने फैजुल्लागंज, महानगर, डालीगंज, बालागंज, अयोध्या दास और गोमतीनगर वार्ड के आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण किया।
इस दौरान 1890 घरों की जांच की गई तथा मच्छरजनित स्थिति पर 21 घरों को नोटिस भी जारी किया गया। बताया कि डेंगू के मामले सिल्वर जुबली, अलीगंज, रेडक्रॉस, आलमबाग, इंदिरानगर, चिनहट और काकोरी क्षेत्र में मिले।
टीम ने घर के आसपास पानी जमा न होने तथा साफ-सफाई के लिए प्रेरित किया। समस्या होने पर अस्पताल जाएं तथा डॉक्टर से परामर्श लेकर ही दवाएं खाएं।
शद्दद्धड्ड] आलमबाग के नटखेड़ा रोड पर अखिलेश की किराना की दुकान है। डेंगू ने इनके परिवार में 14 सितंबर से दस्तक दी और धीरे-धीरे पूरे परिवार को चपेट में लिया। बुजुर्ग पिता दुकान संभाल रहे हैं।
आलमबाग परिक्षेत्र व्यापार मंडल के चेयरमैन व सराफा कारोबारी रामकुमार वर्मा के दो बेटे व भतीजा डेंगू की चपेट में हैं। शोरूम के दो वर्कर उपचार कराने घर गए हैं। ऑर्डर वाले ग्राहकों ने कॉल की तो बुधवार को शोरूम खोलना पड़ा।
राजधानी का महत्वपूर्ण व्यवसायिक केंद्र आलमबाग बाजार डेंगू की गिरफ्त में आ रहा है। आलमबाग बाजार, चंदरनगर, नटखेड़ा रोड पर कई इलाकों में बारिश का पानी भरा होने व गंदगी के चलते मच्छर पनप रहे हैं।
किराना कारोबारी अखिलेश ने बताया कि डेंगू संक्रमित ग्राहकों के जरिये उनका परिवार चपेट में आ गया है। वहीं, रामकुमार वर्मा ने बताया कि बुधवार को महापौर से शिकायत के बाद आननफानन एंटीलार्वा का छिड़कने कराया गया।
आलमबाग-तालकटोरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष संदीप कांत राजन ने बताया कि नगर निगम बाजार की साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दे रहा है।
डेंगू और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही है। साफ-सफाई के लिए प्रेरित करने के साथ ही एंटीलार्वा का छिड़काव भी किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में ज्यादा मामले मिल रहे हैं, वहां फॉगिंग भी हो रही है।
- डॉ. केपी त्रिपाठी, उप-मुख्य चिकित्साधिकारी