पुलिस और डॉक्टर को जनता का भगवान समझा जाता है। मगर जनता के भगवान को भी एक गर्भवती महिला पर तरस नहीं आया।
शिवरतनगंज पुलिस ने फरियादियों की अनसुनी की सारी हदें पार कर दी हैं। मठ मजरे पन्हौंना गांव में एक सप्ताह पहले पड़ोसियों की पिटाई से घायल गर्भवती महिला के परिवारजन एक सप्ताह तक थाने के चक्कर काट रहे हैं।
ये महिला सात महीने गर्भवती है। इसके बावजूद पुलिस को उस पर रहम नहीं आया। यही नहीं सीएचसी में भी डॉक्टरों ने पुलिस केस बता कर उसका इलाज नहीं किया।
एसपी के आदेश के बाद जागी पुलिस ने शुक्रवार को महिला को मेडिकल के लिए जिला महिला अस्पताल गौरीगंज भेजा है।