यूपी के जिले लखीमपुर खीरी में भारी गहमागहमी के बीच समाजवादी अधिवक्ता सभा के जिलाध्यक्ष हरजीत सिंह सहित 23 वकीलों ने हाईकोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को आत्मसमर्पण कर दिया।
सीजेएम प्रीति श्रीवास्तव ने पुलिस को इन सभी को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जिला जेल भेजने का आदेश दिया। इस दौरान वकीलों ने जुर्माना भरने के लिए धनराशि भी दी, लेकिन कोषागार का समय समाप्त होने के चलते इसे जमा नहीं किया जा सका।
जेल जाने वाले साथियों के समर्थन में सैकड़ों वकीलों ने ढोल-नगाड़े के साथ जेल विदा किया। 26 हत्यारोपियों को पुलिस की क्लीन चिट पर अदालती मुहर लगाने से नाराज होकर जिले के वकीलों ने तत्कालीन सीजेएम आरके शुक्ला पर गंभीर आरोप लगाए थे।
इसे लेकर 21 नवंबर, 11 को जिला जजी परिसर में हंगामा भी हुआ। इस बावत शुक्ला के कंटेंप्ट रेफरेंस पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 30 मई, 2014 को 24 वकीलों को न्यायिक अवमानना का दोषी पाया था।