नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) दिल्ली ने आमी बचाओ मंच की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार पर एक लाख व नगर निगम गोरखपुर पर पांच लाख रुपये जुर्माना ठोका है। साथ ही प्रदूषण के मसले पर गंभीरता न दिखाने पर प्रदेश सरकार को फटकार भी लगाई है।
गोरखपुर की आमी, राप्ती, रोहिन नदी एवं रामगढ़ ताल के प्रदूषण को लेकर ‘आमी बचाओ मंच’ के अध्यक्ष विश्वविजय और मीरा शुक्ला की ओर से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) दिल्ली में याचिका दायर की गई थी।
उनसे मिली जानकारी के मुताबिक 30 जनवरी को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गीडा, नगर निगम, उत्तर प्रदेश सरकार समेत संबंधित सभी संस्थाओं को ठोस प्लान और कार्यवाही के साथ आने को कहा था। बृहस्पतिवार को इस याचिका पर प्रिंसिपल बेंच में सुनवाई हुई।
इस दौरान जस्टिस जावेद रहीम की अध्यक्षता वाली पीठ ने पिछले आदेशों का पालन न करने पर प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही प्रदेश सरकार व नगर निगम पर जुर्माना भी लगाया।