सईद का कहना है कि वह नमाज के लिए मस्जिद गये थे इसी दौरान उन्होंने स्वेच्छा से अल्लाह से माफी मांग ली। हालांकि वह अब भी अपने ऊपर खतरे से इनकार नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उन्हें अंजाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं।
वहीं तपस्वी छावनी में राम मंदिर निर्माण की बाधाओं को दूर करने के लिए हवन पूजन और अनुष्ठान कराने वाले परमहंस दास ने फोन पर बताया कि राम का नाम का जाप करने वाले राष्ट्रवादी मुसलमान को काफिर करार दिया जा रहा है। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है। प्रभु श्री राम ने पूरे समाज को मर्यादा का संदेश दिया वह किसी धर्म विशेष से बंधा नहीं है।
परमहंस ने मांग रखी है कि ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं राम नाम जप कार्यक्रम में शामिल बबलू खान ने कहा कि हम लोगों ने भी उस कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। राम मंदिर निर्माण में जो बाधाएं आ रहीं थीं उन्हें दूर करने के लिए हम सब मिलकर रामनाम का जाप कर रहे थे। कुछ कट्टरपंथी अयोध्या में सौहार्द बिगाड़ना चाहते हैं।