लखनऊ। चारबाग रेलवे स्टेशन के पास से 24 जुलाई को लापता हुए गोरखपुर के रायगंज निवासी निजी कंपनी के कर्मी नवीन यादव (50) की हत्या कर दी गई। कुछ ऑटो वालों से उनका झगड़ा हुआ था। 25 जुलाई को उनका शव आलमबाग मेट्रो स्टेशन के पास पड़ा मिला था। बुधवार को परिजनों ने शव की फोटो देखकर पहचान की। पुलिस ने इस मामले में सीतापुर निवासी ऑटो अजय व कन्हैया को हिरासत में लिया है।
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि नवीन के लापता होने के मामले में नाका थाने में भाई सचिन ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजनों ने बताया था कि 24 जुलाई को नवीन का चारबाग रेलवे स्टेशन के पास कुछ ऑटो वालों से झगड़ा हुआ था। ऑटो वालों ने उनसे मारपीट की थी। इतना नहीं, एक ऑटो वालों ने नवीन के परिजनों को फोन कर शीशा तोड़ने का आरोप लगाते हुए ऑनलाइन रुपये भी लिए थे। इसके बाद नवीन का कुछ पता नहीं चल सका था।
नवीन 24 जुलाई की सुबह गोरखपुर से चले थे और शाम को लखनऊ पहुंचे थे। रात कोे उन्हें मुंबई जाने के लिए पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेेन पकड़नी थी। डीसीपी ने बताया कि सर्विलांस की मदद से बुधवार को पुलिस ने अजय यादव व कन्हैया को पकड़ा। उनके पास से नवीन का बैग, मोबाइल व 15 हजार रुपये बरामद हुए। पुलिस दोेनों से पूछताछ कर रही है। वहीं बुधवार को परिजनों ने आलमबाग थाने पहुंचकर शव की फोटो देखकर पहचान की।
आलमबाग में सीसीटीवी कैमरे में दिखे थे नवीन
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नवीन के सिर व पैर में चार चोटें और कुछ खरोंचें मिली हैं। सिर के पीछे किए गए वार से उनकी मौत होना बताया गया है। मारपीट में बेहोश होने के बाद आरोपियों ने उन्हें फतेह अली का तालाब चौकी के पास फेंक दिया था। होश में आने पर वे हाफ नेकर व टीशर्ट पहने हुए पैदल आलमबाग मेट्रो स्टेशन के पास पहुंचे और वहां गिर पड़े। इस बात की पुष्टि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से हुई है।