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सवा दो लाख छात्र बगैर परीक्षा के ही होंगे प्रोन्नत, राज्य विश्वविद्यालयों ने दी सहमति

Tue, 30 Jun 2020 05:23 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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कोरोना संक्रमण के कारण राज्य विश्वविद्यालयों में परीक्षा आयोजन को लेकर गठित मेरठ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता वाली कमेटी की रिपोर्ट को सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। इससे राजधानी के चार सरकारी राज्य विश्वविद्यालयों व संबद्ध कॉलेज समेत प्राइवेट यूनिवर्सिटी के 2.25 लाख से अधिक स्टूडेंट्स बिना परीक्षा दिए ही प्रोन्नत हो जाएंगे।

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कई विद्यार्थी संगठन परीक्षाएं न कराने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन भी कर रहे हैं। हालांकि विश्वविद्यालय को अभी शासन के दिशा निर्देश का इंतजार है। पिछले काफी दिनों से विश्वविद्यालय में सेमेस्टर व सत्रांत परीक्षाओं को लेकर उहापोह की स्थिति है। विवि व कॉलेज बंद चल रहे हैं और जरूरी काम ही हो रहे हैं।

इसी बीच समय-समय पर जारी दिशा निर्देश के अनुसार लखनऊ विवि ने जहां 7 मार्च से वहीं डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) ने 16 जुलाई से, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विवि ने अगस्त में परीक्षा प्रस्तावित कर रखी हैं। काफी जगह परीक्षा की तैयारियां भी पूरी हो गई हैं।
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लखनऊ यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों में तो मंगलवार से स्टूडेंट्स का आना भी शुरू हो जाएगा। वहीं स्टूडेंट्स लगातार परीक्षा टालने और प्रमोट करने के लिए आंदोलन भी कर रहे हैं। सोमवार को भी इसे लेकर कई जगह विरोध-प्रदर्शन हुए। ऐसे में तनेजा कमेटी की रिपोर्ट को सैद्धांतिक सहमति मिलने की सूचना से ही विवि व कॉलेजों के हजारों स्टूडेंट्स में खुशी की लहर दौड़ गई है

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शासन के दिशा-निर्देश का इंतजार

सिर्फ लखनऊ यूनिवर्सिटी में लगभग 20 हजार और सम्बद्ध 175 कॉलेज में 1.25 लाख, एकेटीयू के लखनऊ में 35 कॉलेजों में 25 हजार (प्रदेश भर में 2.5 लाख) स्टूडेंट्स, पुनर्वास विश्विद्यालय के लगभग 04 हजार, भाषा यूनिवर्सिटी के 2500 स्टूडेंट्स हैं। इसके साथ ही कई प्राइवेट यूनिवर्सिटी व कॉलेज हैं, जिनके मिलाकर राजधानी में लगभग 2.25 लाख स्टूडेंट्स इस निर्णय के बाद प्रोन्न्त हो जाएंगे।

शासन का जो भी निर्णय होगा उसे विवि अपने यहां प्रभावी करेगा। कोरोना संक्रमण को देखते हुए शासन छात्रहित में ही निर्णय लेगा। हमने पूर्व में भी कोरोना संक्रमण के मौजूदा हालात को देखते हुए विद्यार्थियों को प्रमोट करने का प्रस्ताव भेजा था। परीक्षा को लेकर अभी शासन के दिशा-निर्देश का इंतजार है। जो गाइडलाइन होगी उसके अनुसार विद्यार्थियों को प्रमोट किया जाएगा। - प्रो. विनय कुमार पाठक, कुलपति, एकेटीयू 

शासन से परीक्षा टालने को लेकर अभी कोई दिशा निर्देश नहीं आया है। इस बारे में शासन का जो भी निर्णय होगा उसका अनुपालन किया जाएगा। छात्रहित में जो भी आवश्यक कदम उठाने होंगे, उसके लिए हम तैयार हैं। शासन के निर्देश पर परीक्षा की भी तैयारियां पूरी हैं और अगर इनको टालने का निर्देश होगा तो उनकी गाइडलाइन के अनुसार विद्यार्थियों को प्रमोट कर दिया जाएगा। - प्रो. आलोक राय, कुलपति, लविवि
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