लखनऊ- वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग-56 के लिए भूमि अधिग्रहण में नियम विरुद्घ मुआवजा देने वाले दो पीसीएस अधिकारियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अमेठी में एसडीएम के पद पर तैनात रहे दोनों अफसरों आरडी राम और अशोक कुमार कनौजिया ने किसानों को तीन गुना से अधिक मुआवजा बांट दिया था। इससे राज्य सरकार को 382 करोड़ रुपये की हानि हुई।
प्रकरण में 11 अक्तूबर को अमेठी के मुसाफिरखाना थाने में दोनों अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। ईडी ने इसे आधार बनाकर दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया है। 2014 में एनएच-56 को फोरलेन करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुरोध पर राजस्व विभाग ने सड़क चौड़ीकरण के अलावा जगदीशपुर व मुसाफिरखाना में कस्बे से बाहर बाईपास बनाने के लिए सर्वे किया।
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इसके बाद अफसरों ने गलत तरीके से कृषि योग्य भूमि का मुआवजा सर्किट रेट का चार गुना निर्धारित करने के बजाय एनएच से सटी जमीन (इसका सर्किल रेट कई गुना अधिक) के बराबर निर्धारित कर दिया। डीएम से जांच कराई गई तो घोटाला सामने आ गया। दोनों बाईपास के लिए मुआवजा वितरण की कार्रवाई 2015 में तत्कालीन एसडीएम आरडी राम ने शुरू की थी। इसके बाद अशोक कनौजिया के कार्यकाल में भी घोटाले को अंजाम दिया गया था।