अब कारागार मुख्यालय से प्रदेश की सभी जेलों में बंद माफिया, अपराधी और कर्मचारियों पर आसानी से नजर रखी जा सकेगी। इसके लिए मुख्यालय में बन रहे कमांड सेंटर को सभी जेलों के सीसीटीवी कैमरों से जोड़ा जाएगा। इसके बाद तीसरी आंख की मदद से जेलों की हर छोटी-बड़ी घटना देखी जा सकेगी। कमांड सेंटर बनाने की जिम्मेदारी अपट्रान पावरट्रॉनिक्स लिमिटेड को दी गई है।
कमांड सेंटर के शुरू होते ही विभागीय अधिकारी हर वक्त किसी भी जेल की गतिविधि देख सकेंगे। खासतौर पर शातिर अपराधियों व माफिया से कौन कब मिलने आ रहा है इसकी आसानी से जानकारी मिल सकेगी। साथ ही यह भी पता लगाया जा सकेगा कि किस जेल कर्मचारी ने इसमें क्या भूमिका निभाई है ?
कमांड सेंटर की स्थापना के लिए वर्ष 2018-19 में 595.36 लाख रुपये स्वीकृति हो चुके हैं। इससे मुख्यालय में वीडियो वाल की स्थापना, डाटा संरक्षण के लिए हार्डवेयर व इंटरनेट कनेक्टिविटी, कमांड सेंटर के लिए जरूरी सॉफ्टवेयर और कारागारों से सीसीटीवी फीड लेने के लिए हार्डवेयर व इंटरनेट कनेक्टिविटी की व्यवस्था की जाएगी।