लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन की मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी पुष्पा बेलानी ने बताया कि लोड टेस्ट के लिए ट्रेन को नवनिर्मित ट्रैक पर लाने से पहले सुबह चारबाग मेट्रो स्टेशन पर हवन-पूजन किया गया। जिसमें एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव, इंजीनियर और टीम के प्रमुख लोग विशेष तौर पर शमिल हुए।
पूजा के बाद ट्रेन को रैम्प के जरिए केकेसी के पास अंडरग्राउंड ट्रेक में उतारा गया। यहां से ट्रेन भूमिगत ट्रेक को पार करते हुए केडी सिंह स्टेडियम के पास एलीवेटेड ट्रैक पर पहुंची। एक ट्रेन आईटी तक गई फिर वहां से वापस लाकर उसे गोमती नदी पर बने स्पेशन स्पैन पर खड़ा कर दिया गया। उसके बाद एक और ट्रेन को दूसरे ट्रेक पर लाकर खड़ा किया गया।
लोड टेस्ट को लेकर चार कोच की दोनों मेट्रो ट्रेन में बालू की तीन-तीन हजार बोरियां लादी गई हैं। एक बोरी का वजन 30 किलो है। बालू की बोरियों से लदी अप और डाउन की ट्रेनें दोनों ट्रेने शुक्रवार को गोमती नदी पर बने स्पेशन स्पैन पर सुबह साढ़े छह बजे खड़ी कर दी गई है। मेट्रो की सीपीआरो बेलानी का कहना है गोमती पर लोड टेस्ट को दोनों ट्रेनें 24घंटे खड़ी रहेंगी। उसके यह दोनों ट्रेन निशातंगज स्पेशन स्पैन पर 24घंटे के लिए खड़ी की जाएंगी। 31 दिसंबर को ट्रायल का काम पूरा हो जाएगा। उसके बाद ट्रेन चारबाग लौट जाएंगी।
लोड टेस्ट के बाद एलएमआरसी ट्रैक पर ट्रायल का काम करेगी। जिसमें सिग्नलिंग और बैलेंसिंग की जांच की जांच होगी। ट्रेन से यात्री सुविधा शुरू करने से एलएमआरसी को आयुक्त मेट्रो रेल संरक्षा से हरी झंडी लेनी पड़ेगी। उससे पहले एलएमआरसी लोड टेस्ट व अन्य जांच के काम पूरा करेगी। खुद के स्तर पर संतुष्ट होने केबाद कामर्शियल रन शुरू करने की अनुमति मांगेगी। अनुमति देने से पहले आयुक्त मेट्रो रेल संरक्षा की टीम जांच करेगी उसके बाद वह अनुमति देगी।
एक नजर में
नार्थ साउथ कारीडोर (अमौसी से मुंशीपुलिया)
कुल रूट- 22.87 किमी
एलिवेटेड रूट- 19.43 किमी
अंडरग्राउंड रूट-3.44 किमी
कुल स्टेशन-22
अंडरग्राउंड स्टेशन-3
एलीवेटेड स्टेशन-19