एलएमआरसी की साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में इस बात की जानकारी प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने दी। उन्होंने बताया कि हम पटरियों को परमानेंट-वे कहते हैं। इसके अलावा इसके ऊपर दौड़ने वाली रेल को रोलिंग स्टॉक कहा जाता है।
परमानेंट-वे का काम शुरू किया जा रहा है। इसका टेंडर आनंदी रेल्स को पहले ही मिल चुका है। अब मकर संक्रांति से काम शुरू होगा। सबसे पहले डिपो में 15 जनवरी को पूजन के बाद पटरी बिछाई जाएंगी।
हमारी नार्थ-साउथ कॉरिडोर में कुल 20 ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। मगर बढ़ती जरूरतों के हिसाब से साल 2041 तक के लिए कुल 41 ट्रेनों की व्यवस्था होगी।
यानी की यात्रियों की संख्या अगर दोगुनी से भी ज्यादा हो जाएगी तब तक के लिए ये डिपो पर्याप्त होगा। उन्होंने बताया कि लगभग डेढ़ महीने का समय लगेगा जब ये ट्रैक मेट्रो की मेन लाइन पर बिछाया जाने लगेगा।
मेट्रो का ट्रैक बिछाने के बाद होंगे ये सभी काम
उन्होंने बताया कि इसके बाद ट्रैक्शन वर्क शुरू होगा जिसमें ओएचई समेत बिजली के अन्य काम होंगे। ट्रैक बिछाने के समानांन्तर यह भी काम किया जाएगा जिससे काम में तेजी आएगी। एलएंडटी यह काम कर रहा है जिसमें सब स्टेशन निर्माण का काम शुरू भी किया जा चुका है।
मेट्रो रेल परियोजना में फीडर सर्विसेज के लिए एलएमआरसी ने एलएंडटी के जरिये डोर टू डोर सर्वे का काम शुरू करवा दिया है। पहले आठ किलोमीटर में एलएंडटी के लोग घर घर जाकर जनता से पूछ रहे हैं कि, उनको किस तरह की फीडर सर्विस की जरूरत है। कुमार केशव ने बताया कि इस सर्वे के जरिये तस्वीर सामने आ सकेगी कि फीडर सर्विस की कहां और कितनी जरूरत है।
एलएमआरसी के निदेशक दलजीत सिंह ने बताया कि चारबाग से केडी सिंह बाबू स्टेडियम के बीच भूमिगत मेट्रो रेल का निर्माण अप्रैल से शुरू किया जाना है। जिसको लेकर ट्रैफिक में जो डाइवर्जन किये जाने है, उसको लेकर जिला प्रशासन, पुलिस और यातायात पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक 19 या 20 जनवरी को होगी। इस बैठक में डाइवर्जन को लेकर जरूरी ट्रायल शुरू किया जाएंगे।
राजधानी में साल 2041 तक करीब 140 किलोमीटर और फिलहाल लगभग 74 किलोमीटर मेट्रो परियोजना के नये रूटों पर कमिश्नर महेश गुप्ता के साथ चर्चा करने के लिए डीएमआरसी की टीम अगले 10 दिन में एक बार फिर से राजधानी आएगी। ताकि नये रूटों को एलएमआरसी फ्रीज कर सके।
मकर संक्रांति पर बिछनी शुरू होंगी पटरियां
मेट्रो रेल परियोजना में अब सिविल के साथ ही पटरियों को बिछाने का काम शुरू होगा। 15 जनवरी को मकर संक्रांति के शुभ मुहूर्त में पूजन के बाद लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन इस काम को शुरू कराएगा। पटरियां पहले ही लाई जा चुकी हैं।
सबसे पहले मेट्रो परियोजना के 32वीं वाहिनी पीएसी में निर्माणाधीन डिपो में पटरियों को बिछाने का काम किया जाएगा। यहां अंदर ही अंदर करीब 12 किलोमीटर पटरियां बिछाई जाएंगी।
इसमें नार्थ-साउथ कॉरिडोर के लिए फिलहाल प्रस्तावित 20 ट्रेनों को लाने की व्यवस्था होगी। जबकि साल 2041 तक के लिए 41 ट्रेनों को खड़ा किया जा सकेगा।
डिपो में लगभग डेढ़ महीने तक ट्रैक बिछाने का काम किया जाएगा जिसके बाद ट्रांसपोर्टनगर से यू-गर्डर के ऊपर ट्रैक बिछाने का काम शुरू किया जाएगा। इसके अलावा डिपो के भीतर सब स्टेशन का निर्माण भी एलएंडटी लिमिटेड ने शुरू कर दिया है