मीजल्स रुबेला (जर्मन खसरा) से बचाव के लिए प्रदेश के 7.64 करोड़ बच्चों का मुफ्त टीकाकरण किया जाएगा। 24 सितंबर से शुरू होने वाला यह अभियान पांच सप्ताह तक चलेगा। प्रदेश के सभी 75 जिलों में 9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को यह टीका लगाया जाएगा। राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. एपी चतुर्वेदी ने बताया कि खसरे का टीकाकरण अभी तक नौ माह और 16 महीने पर लगता है।
जिन बच्चों को पहले खसरा का टीका लगा है। उसे भी दोबारा यह टीका लगवाना होगा, क्योंकि ये विशेष तौर पर जर्मन खसरा से बचाव के लिए है। इस अभियान के लिए जरूरी तैयारियों का प्रस्तुतीकरण मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय को भी दिया गया है। डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि यह बीमारी हवा में काफी तेजी से फैलता है। एक व्यक्ति के खांसने या छींकने से दूसरे को इसका संक्रमण हो सकता है।
रुबेला में हल्का बुखार और ददोरे जैसे दाने होते हैं और यह बीमारी गर्भवती महिला को हो तो उसका बच्चा अपंग पैदा हो सकता है। इस स्थिति को कांजेनाइटल रुबेला सिंड्रोम (सीआरएस) कहा जाता है। ऐसे बच्चे को कान व आंख संबंधी विकृतियां होती हैं या फिर दिमागी तौर पर बच्चा कमजोर हो सकता है। तो कई बच्चे इससे मधुमेह के शिकार हो सकते हैं। इस बीमारी का सर्वाधिक डर उन देशों में होता है, जहां बच्चों व महिलाओं में प्रतिरोधक क्षमता कम होती है।