भोपाल में जेल से भागे सिमी आतंकवादियों व उनके एनकाउंटर के मामले पर राजनीतिक बयानबाजी लगातार बढ़ती जा रही है। इस मामले पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी बयान जारी किया है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस के हवाले से ही खबर आ रही है कि जेल से भागे आठ सिमी कैदी निहत्थे थे और उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता था, लेकिन नहीं किया गया। इसलिए यह मामला संदिग्ध लगता है। अत: इस मामले की न्यायिक जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में पुलिस का राजनीतिक व सांप्रदायिक एजेंडे की पूर्ति के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। पहले भी व्यापम मामले की निष्पक्ष जांच न कराकर इससे जुड़े लोगों को बचाने का काम किया गया, जबकि इस मामले में कई लोगों की जान गई थी। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद इस मामले को सीबीआई के सुपुर्द किया गया।
मायावती ने भाजपा शासित राज्यों में आरएसएस के सांप्रदायिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सिमी कैदियों के भागने में पुलिस विभाग की मिलीभगत के आरोप पुलिस अधिकारी खुद लगा रहे हैं। ऐसे में मामले की न्यायिक जांच की जानी चाहिए।