बसपा सुप्रीमो मायावती ने लोकसभा चुनाव के बाद दूसरी बार संगठन की जोन से लेकर सेक्टर तक की सांगठनिक इकाइयों को भंग कर दिया है।
जबकि तीन-चार मंडलों के जोन को पुनर्गठित करते हुए अब दो-दो मंडलों का जोन बनाया है। इसके साथ ही पुनर्गठित जोनों में कोऑर्डिनेटरों की तैनाती भी कर दी गई।
इंद्रजीत सरोज को लखनऊ व कानपुर जोन का कोऑर्डिनेटर को बनाया गया है। गौरतलब है कि मायावती ने लोस चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद प्रदेश संगठन को छोड़कर जोन से लेकर बूथ तक के संगठन को भंग कर दिया था।
उन्होंने कोऑर्डिनेटरों व जिलाध्यक्षों की खुद नए सिरे से तैनाती की थी। साथ ही लोकसभा, जिला व विधानसभा, सेक्टर संगठनों के पुनर्गठन का निर्देश दिया था। यह काम इस समय तेजी से चल रहा था।
संगठन में 50 प्रतिशत युवाओं को हिस्सेदारी
पार्टी सूत्र बताते हैं कि पिछले कई दिनों से चुनाव वाले राज्यों के प्रत्याशी चयन व मंडलवार बैठकों के बाद बसपा सुप्रीमो ने पार्टी में युवाओं को जोड़ने के लिहाज से संगठन को पुनर्गठित करने की जरूरत महसूस की।
रविवार को जोन से लेकर प्रदेश के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ मैराथन बैठक में उन्होंने संगठन को पुनर्गठित करने की घोषणा की। उन्होंने पुनर्गठित जोनों के जोनल कोऑर्डिनेटरों का ऐलान भी कर दिया।
इन कोऑर्डिनेटरों को नीचे के संगठन में 50 प्रतिशत युवाओं की हिस्सेदारी देते हुए नए सिरे से पुनर्गठित कराने का निर्देश दिया है।
मायावती के इस फैसले के बाद वर्षों से पार्टी के संगठन में जमे नेताओं को हटाकर नए लोगों को मौका देने का रास्ता साफ हो गया।
पुराने चेहरों पर भरोसा जताया
मायावती ने जोनल कोऑर्डिनेटरों की तैनाती में पुराने चेहरों पर भरोसा जताया है। पूर्व वित्त मंत्री लालजी वर्मा का कद बढ़ाते हुए दो जोन की जिम्मेदारी सौंपी है।
फैजाबाद व देवीपाटन मंडल को मिलाकर एक जोन बनाया गया है। इस जोन में जोनल कोआर्डिनेटर की जिम्मेदारी लालजी वर्मा, अतहर खां, दिनेश चंद्रा व आरएस कुशवाहा को सौंपी गई है।
बस्ती व गोरखपुर मंडल को मिलाकर एक जोन बनाया गया है। इसमें भी नेतृत्व लालजी वर्मा को सौंपा गया है। वर्मा के साथ राम सूरत चौधरी, सुधीर कुमार भारती व बृजेश कुमार भी जोनल कोआर्डिनेटर बनाए गए हैं।