बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपमानजनक टिप्पणी प्रकरण में भाजपा के साथ ही सपा पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सपा सरकार की नीयत ठीक होती तो वह बयान का स्वत: संज्ञान लेकर रिपोर्ट कराती। बेहतर होता कि भाजपा भी अपने नेता पर खुद केस दर्ज कराती।
मायावती ने कहा, देश की एक बेटी के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के मामले को सर्वसमाज, दलितों, पिछड़ों व धार्मिक अल्पसंख्यकों, खासतौर से मुस्लिमों ने जिस प्रकार से इस मामले में अपनी नाराजगी व रोष को शांतिपूर्वक प्रकट किया है, वह बसपा मूवमेंट के लक्ष्य की प्राप्ति में बहुत मददगार साबित होगा।
घोर जातिवादी मानसिकता रखने वाले तत्वों को भविष्य में ऐसा घृणित कार्य करने से पहले दस बार सोचना पड़ेगा।
उन्होंने इस मुद्दे पर समर्थन के लिए सभी राजनीतिक दलों व उनके नेताओं का भी शुक्रिया अदा किया है कहा, बहुत ही अच्छी बात होती अगर भाजपा का शीर्ष नेतृत्व स्वयं ही आगे बढ़कर अपने वरिष्ठ नेता को निलंबित करने के साथ-ही खुद एससी-एसटी कानून व अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराकर गिरफ्तारी सुनिश्चित कराती।