फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोदी-शाह की शह पर हुआ मायावती का अपमान: नसीमुद्दीन सिद्दीकी

Fri, 22 Jul 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान बसपा नेता व कार्यकर्ता। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
बसपा सुप्रीमो मायावती पर भाजपा नेता दयाशंकर सिंह की अपमानजनक टिप्पणी पर बसपा कार्यकर्ताओं ने राजधानी लखनऊ में गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बसपा नेताओं ने भाजपा और दयाशंकर पर जमकर भड़ास निकाली।
विज्ञापन


बसपा महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि दयाशंकर ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह की शह पर मायावती के खिलाफ टिप्पणी की है। बसपा अध्यक्ष ने राज्यसभा में गुजरात में दलितों के उत्पीड़न का मामला उठाया था। इससे ध्यान बंटाने के लिए उन पर अपमानजनक टिप्पणी की गई।

सिद्दीकी ने कहा कि दयाशंकर को एक बार विधान परिषद चुनाव हार जाने पर दुबारा प्रत्याशी बनाया गया, जबकि भाजपा के पास उसे जिताने के लिए वोट नहीं थे। इससे साबित होता है कि दयाशंकर के सिर पर मोदी व शाह का हाथ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का सर्वसमाज मायावती का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा।
विज्ञापन

'जूते की कील के बराबर नेता कर रहे अपमानित'

विरोध प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुए बसपा कार्यकर्ता - फोटो : amar ujala
विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव राजभर ने कहा कि दयाशंकर ने जिस तरह की अशिष्ट और अपमानजक भाषा का प्रयोग किया है, उससे भाजपा का चरित्र उजागर हो गया है। मायावती आयरन लेडी हैं।

उनके जूते की कील के बराबर नेता उन्हें अपमानित कर रहे हैं। सूरज पर थूकने वालों वालों को औकात का पता लग जाता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि बसपा सुप्रीमो के अपमान का यह गुस्सा चुनाव में बूथों तक जाना चाहिए। यहां से सभी लोग मायावती को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लेकर जाएं।

त्याग-बलिदान की प्रतिमूर्ति हैं मायावती : अतर सिंह
बसपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और मेरठ-अलीगढ़ के कोऑर्डिनेटर अतर सिंह राव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर और कांशीराम की तरह मायावती त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ति हैं। बाबा साहेब ने अपने बेटे गंगाधर की मृत्यु के बावजूद इसलिए गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया था कि दलित अधिकारों से वंचित न रह जाएं।

इसी तरह, कांशीराम ने पिता के अंतिम संस्कार में भाग न लेकर बहुजन समाज के कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। मायावती के छोटे भाई सुभाष की नौ जुलाई को मृत्यु हो गई थी लेकिन उन्होंने 10 जुलाई को लखनऊ में बसपा की बैठक में हिस्सा लिया। दयाशंकर सिंह ने मायावती का अपमान करके दलितों, पिछड़ों, सवर्ण समाज की महिलाओं का अपमान किया है।
विज्ञापन

'बहनजी हमारे लिए इंसाफ की देवी'

पूर्व मंत्री और बसपा विधानमंडल दल के मुख्य सचेतक इंद्रजीत सरोज ने कहा कि भाजपा की जमीन खिसक रही है। खिसियाहट में भाजपा नेता अपशब्दों पर उतर आए हैं। भाजपा की एक महिला नेत्री ने पिछले दिनों अलीगढ़ में पूरे दलित समाज को अपमानित किया था। उन्हें सबक सिखाना जरूरी है। उन्होंने कहा, हम बहनजी को इंसाफ की देवी के रूप में मानते हैं। वे महान नेता हैं और महान नेता किसी जाति-धर्म के नहीं होते। भाजपा से सूद समेत अपमान का बदला लिया जाएगा।

सुबह से ही जुटने लगे थे हजरतगंज में
हजारों बसपा कार्यकर्ता सुबह ही हजरतगंज पहुंच गए थे। इनमें लखनऊ व आसपास के जिलों के कार्यकर्ताओं की तादाद ज्यादा थी। दूरदराज के जिलों से प्रमुख नेता व खास कार्यकर्ता ही बुलाए गए थे। उन्होंने हजरतगंज स्थित डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

सवेरे 10 बजे बसपा महासचिव व विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी, बसपा विधानमंडल दल के नेता गयाचरन दिनकर, प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर, इंद्रजीत सरोज, सुनील चित्तौड़, अतर सिंह राव समेत कई बसपा नेता डॉ. अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष धरने पर बैठ गए और सभा शुरू करा दी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें