बसपा सुप्रीमो मायावती आरक्षण के संबंध में आरएसएस प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य के बयान को लेकर भाजपा और आरएसएस पर जमकर बरसीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 22 करोड़ लोग बिहार चुनाव की तरह यूपी में इसका जवाब दे देंगे।
मायावती बसपा प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से बात कर रही थीं। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि आरक्षण को लेकर भाजपा व आरएसएस का रवैया मुंह में राम, बगल में छूरी वाला है।
उन्होंने कहा कि दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को आरक्षण का अधिकार संविधान से मिला है। इसे केंद्र, राज्य सरकार या आरएसएस तब तक नहीं छीन सकते, जब तक कि संसद में कानून नहीं बन जाता। कानून बनाने की कोशिश दिन में तारे देखने वाली ही होगी।
एससी-एसटी व ओबीसी के लोग भाजपा को हमेशा के लिए राजनीति करना भुला देंगे। उन्होंने कहा कि आरएसएस को आरक्षण खत्म करने की बार-बार बंदर घुड़की बंद करनी चाहिए।
'बिहार की तरह हराकर भाजपा को सजा देंगे'
मायावती ने कहा, एससी-एसटी व ओबीसी के लोग आरक्षण खत्म करने की वकालत करने वाले भाजपा उम्मीदवारों को हराकर बिहार की तरह सजा देंगे। इससे ये असंवैधानिक बात करने का साहस नहीं जुटा पाएंगे।
मायावती ने कहा कि यदि यूपी में भाजपा की सरकार बन गई तो इनका मनोबल बढ़ जाएगा, और केंद्र में आरक्षण जरूर खत्म कर देंगे या निष्प्रभावी बना देंगे।
बसपा अध्यक्ष ने कहा कि वह तो आर्थिक आधार पर अपरकास्ट को भी आरक्षण देने की मांग करती रही हैं और आगे भी करती रहेंगी।
सपा-कांग्रेस गठबंधन की कवायद पर हमला
मायावती ने फिर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के मामले में दागी चेहरा बताया और सपा से गठबंधन की कोशिश के लिए कांग्रेस पर करारा हमला बोला।
मायावती ने कहा कि सपा के पांच साल और मोदी सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में गरीब, दलित, अल्पसंख्यक व पिछड़ा विरोधी नीति से सूबे की जनता में नाराजगी है।
अपराध नियंत्रण व कानून-व्यवस्था के मामले में मुख्यमंत्री का चेहरा शुरू से दागी है। प्रदेश में छोटे-बड़े 500 दंगे हो चुके हैं और मथुरा, दादरी, मुजफ्फरनगर और बुलंदशहर की घटनाएं लोग भूले नहीं हैं। अब जनता को तय करना है कि उसे दागी चेहरे वाला सीएम चाहिए या बेदाग चेहरे वाला सीएम।
'क्या कांग्रेस को ऐसे ही दागी चेहरे वाले की तलाश थी'
उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस को ऐसे ही दागी चेहरे वाले सीएम की तलाश थी? पहले शीला दीक्षित और इसके बाद ऐसे दागी चेहरे के सामने घुटने टेक दिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सर्वोच्च नेता ने स्वीकार कर लिया है कि कांग्रेस आक्सीजन पर है। बिहार में महागठबंधन को छोड़ने वाली सपा से गठबंधन की कोशिश कर कांग्रेस धर्मनिरपेक्ष लोगों को क्या जवाब देगी?
मायावती ने कहा कि भाजपा व सपा की अंदरूनी मिलीभगत के बावजूद सपा डूबती नैया है। उसकी सत्ता में वापसी मुमकिन नहीं।