बेटी की शादी के लिए सूरत से आलमबाग आए जयगोपाल पर बिजली गिर पड़ी। आलमबाग के सुजानपुरा स्थित गुरुद्वारा में बृहस्पतिवार दोपहर वह बरात के स्वागत की तैयारियों में जुटे थे।
मन में बार-बार यही आ रहा था, ‘पहली बेटी की शादी है। कहीं कोई कमी न रह जाए।’ बेटे शिवम और सनी से कहते, ‘अरे चार बज रहे हैं। शहनाई वाला कहां रह गया। जरा देखो तो।’ इसी बीच मोबाइल फोन की घंटी बजने लगी।
जयगोपाल की आंखों में चमक आ गई। कॉल रिसीव करत ही बोले, ‘जी समधी जी, हम तैयार हैं। बरात कब तक ला रहे हैं।’ फिर अचानक उनके चेहरे का रंग उड़ गया। शरीर थरथराने लगा। गालों पर आंसू ढुलक आए। बमुश्किल मुंह से निकला, ‘कह रहे हैं चार लाख का इंतजाम करो तभी बरात लेकर आएंगे।’
जयगोपाल सिर पकड़कर बैठ गए। रिश्तेदार और मेहमान इकट्ठे हो गए। ढोल मंजीरे की थाप और खनक शांत हो गई। हलवाइयों के हाथ रुक गए। पत्नी राजकुमारी की रुलाई छूट गई। बोलीं, ‘अब क्या होगा जी। कैसे करेंगे इतने रुपयों का इंतजाम।’
अंततः रात 12 बजे शादी से कर दिया इंकार
बेटी सपना तक यह बात पहुंची तो वह परेशान होकर पिता के पास दौड़ी चली आई। उनकी हालत देखकर फफक पड़ी। जयगोपाल ने होने वाले समधी उन्नाव निवासी दिनेश कुमार श्रीवास्तव को फोन कर समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। सभी खामोश थे। किसी को कोई उपाय नहीं सूझ रहा था।
जयगोपाल भी असहाय होकर कभी सजावट को देखते तो कभी रोते हुए मां-बेटी को। वक्त बीतता रहा और वह दिनेश को फोन करते रहे। होने वाले दामाद उमेश से बात कराने को कहा लेकिन सफलता नहीं मिली।
अंतत: रात १२ बजे दिनेश का फोन आया और उन्होंने शादी से इनकार कर दिया। बरात नहीं आएगी, यह सुनकर सपना बेहोश हो गई। जयगोपाल के धैर्य की भी इंतेहा हो चुकी थी। वह मिन्नतें करते-करते थक चुके थे। उन्होंने सीधे पुलिस के पास जाने का निर्णय लिया।
परिवार से चर्चा की तो सभी ने उनके फैसले का समर्थन किया। रात करीब एक बजे जयगोपाल आलमबाग कोतवाली पहुंचे और पुलिस से संपर्क किया। जयगोपाल ने बताया कि वह मूल रूप से प्रतापगढ़ के लालगंज स्थित तीना गांव के हैं और गुजरात के सूरत में एक कपड़ा मिल में काम करते हैं।
पहले ही दे चुके लाखों व कीमती सामान
कई साल से वह पत्नी राजकुमारी, बेटी सपना, अंकिता व बेटे शिवम और सनी के साथ सूरत में ही रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्नाव के बारासगवर के पुरवा स्थित बीखी गांव निवासी दिनेश कुमार श्रीवास्तव के बेटे उमेश से बड़ी बेटी सपना की शादी तय की थी।
वरीक्षा के वक्त ही एक लाख रुपये नकद व अन्य कीमती समान दिया था। जयगोपाल ने बताया कि उमेश बंगलुरू की एक कंपनी में नौकरी करता है। उन्होंने कहा कि रिश्ता तय होते वक्त जो कहा था वह किया।
अगर पहले पता होता कि दिनेश दहेज के लिए शादी तोड़ देंगे तो रिश्ता ही नहीं करते। उन्होंने आलमबाग कोतवाली में दिनेश, उमेश व उनके परिवारीजनों के खिलाफ दहेज एक्ट की एफआईआर दर्ज करा दी है।